Edited By jyoti choudhary,Updated: 14 Feb, 2026 03:51 PM

शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बाजार में गिरावट के चलते सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ और निफ्टी भी दबाव में रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों, अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली और...
बिजनेस डेस्कः शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बाजार में गिरावट के चलते सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ और निफ्टी भी दबाव में रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों, अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली और एआई डिसरप्शन के डर ने निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया।
एक्सपर्ट की चेतावनी
PACE 360 के मुख्य वैश्विक रणनीतिकार अमित गोयल के मुताबिक अगर अमेरिका में मंदी के संकेत मजबूत होते हैं तो उभरते बाजारों से विदेशी निवेश निकल सकता है। ऐसी स्थिति में FY27 के अंत तक भारतीय बाजारों में करीब 30% तक करेक्शन संभव है, जिससे सेंसेक्स 60,000 और निफ्टी 18,000 के स्तर तक आ सकते हैं।
वहीं सेबी-रजिस्टर्ड विशेषज्ञ अनुज गुप्ता का कहना है कि महंगाई, कमजोर मांग, कमाई में गिरावट और रोजगार को लेकर बढ़ती चिंता पहले से ही वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रही है। एआई से जुड़ी अनिश्चितताओं ने इन आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।
निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट
BSE (Bombay Stock Exchange) के आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स 1,048.16 अंक गिरकर 82,626.76 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,140 अंकों से ज्यादा टूटकर दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया था। एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति करीब 7.02 लाख करोड़ रुपए घट गई, जबकि दो दिनों में कुल नुकसान 9.52 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा।
FII और DII का रुख
शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 7,395 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,553 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की।