Edited By jyoti choudhary,Updated: 18 Apr, 2020 03:19 PM

कोरोना वायरस के कारण भारत की सबसे बड़ी IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) 2025 तक वर्क फ्रॉम होम के प्लान पर काम कर रही है। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि TCS, 2025 यानी अगले पांच साल तक कुछ इस तरह प्लान करेगी
नई दिल्लीः कोरोना वायरस के कारण भारत की सबसे बड़ी IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) 2025 तक वर्क फ्रॉम होम के प्लान पर काम कर रही है। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि TCS, 2025 यानी अगले पांच साल तक कुछ इस तरह प्लान करेगी कि उसके सिर्फ 25% कर्मचारी ही दफ्तर में मौजूद हों।
अंग्रेजी के बिजनेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक TCS को लगता है कि इस प्लान से वह ज्यादा प्रोडक्टिव हो पाएगी और कर्मचारियों का समय भी बचेगा। मौजूदा वक्त में सभी IT कंपनियों को मिलाकर करीब 90 फीसदी कर्मचारी घर से ही काम कर रहे हैं और कोविड-19 के बाद जिस तरह से काम के बदलाव में संकेत मिल रहे हैं, उसके बाद ज्यादा IT कंपनियां वर्क फ्रॉम होम के मॉडल पर काम कर रही हैं।
TCS में इस समय करीब साढ़े चार लाख कर्मचारी हैं और कंपनी के करीब 93% कर्मचारी घर बैठकर ग्लोबली अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक वह कर्मचारियों और उनके काम के मुताबिक भविष्य का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेंगे। भारतीय सॉफ्टवेयर लॉबी नैस्कॉम भी यही मानती है कि कोविड-19 जैसी महामारी ने दुनियाभर की IT कंपनियों को सोचने पर मजबूर किया है कि भविष्य में वर्क फ्रॉम होम का कॉन्सेप्ट तैयार करना कितना जरूरी है? हां, कितने कर्मचारियों को ऑफिस बुलाना चाहिए इसकी संख्या कंपनियां खुद तय करेंगी, लेकिन दफ्तर और वर्क फ्रॉम होम के संतुलन का बनाना बेहद जरूरी हो गया है।
दरअसल, IT कंपनियां दुनियाभर के डेटा का खयाल रखती हैं, जो बेहद संवेदनशील होता है। साथ ही वह दुनिया की तमाम कंपनियों को तकनीकी सहायता प्रदान करती हैं और इनका काम व्यापक है। भारत में तमाम IT कंपनियां ऐसी हैं, जिनकी विदेशों में बड़ी-बड़ी ब्रांच हैं। करीब 20 साल पहले भारतीय IT कंपनियों ने ODS (ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर) की शुरुआत की थी। ये वो सेंटर थे, जिनमें बेहद निजी डेटा रहता था और इन ऑफिस में सिर्फ उन्हीं लोगों को आने की अनुमति थी जो कंपनी की तरफ से अप्रूव थे।