Share Market Down: लगातार पांचवें दिन लुढ़का बाजार, इन 5 कारणों से आई गिरावट, Sensex-Nifty ने लगाया गोता

Edited By Updated: 09 Jan, 2026 03:33 PM

market fell for the fifth consecutive day due these 5 reasons

भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार 8 जनवरी को तेज उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी देखने को मिला। शुरुआती बढ़त के बाद बिकवाली हावी हो गई और सेंसेक्स व निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 604.72 अंक यानी 0.72% गिरकर...

बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार 8 जनवरी को तेज उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी देखने को मिला। शुरुआती बढ़त के बाद बिकवाली हावी हो गई और सेंसेक्स व निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 604.72 अंक यानी 0.72% गिरकर 83,576.24 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी 193.55 अंक यानी 0.75% की गिरावट के साथ 25,683.30 पर बंद हुआ। 

बाजार गिरने के 5 बड़े कारण

1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली बाजार पर सबसे बड़ा दबाव बनी रही। गुरुवार को FIIs ने करीब 3,367 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। जनवरी में अब तक विदेशी निवेशक लगभग 8,017 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं।

2. अमेरिका में टैरिफ पर फैसले से पहले सतर्कता

निवेशकों की नजर अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के उस अहम फैसले पर है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ की वैधता तय की जाएगी। यदि कोर्ट टैरिफ को अवैध करार देता है, तो अमेरिकी सरकार को आयातकों को करीब 150 अरब डॉलर लौटाने पड़ सकते हैं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, बाजार की आगे की दिशा काफी हद तक इस फैसले पर निर्भर करेगी।

3. टैरिफ को लेकर नई चिंताएं

रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने के संकेतों ने चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाने वाले नए प्रतिबंध विधेयक की खबरों से बाजार में डर का माहौल बना।

4. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 0.53% बढ़कर 62.32 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए ऊंची तेल कीमतें महंगाई और चालू खाते के घाटे का जोखिम बढ़ाती हैं।

5. रुपए में कमजोरी

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा और शुरुआती कारोबार में 7 पैसे टूटकर 89.97 के स्तर पर आ गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की महंगाई से रुपए पर दबाव बना रहा।
 

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