Gold Price Drop: गोल्ड खरदीने का सही मौका! हाई लेवल से 22% फिसला भाव

Edited By Updated: 06 Oct, 2026 06:07 PM

right time to buy gold prices have slipped 22 from their highs

इस साल सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बाद अब अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5 अक्टूबर को सोना करीब 4,155 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर था। जनवरी में यह करीब 5,595 डॉलर प्रति औंस पर था। सोने में करीब 22-23 फीसदी की...

नई दिल्लीः इस साल सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बाद अब अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5 अक्टूबर को सोना करीब 4,155 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर था। जनवरी में यह करीब 5,595 डॉलर प्रति औंस पर था। सोने में करीब 22-23 फीसदी की गिरावट आई है।

घरेलू बाजार में भी सोने की कीमत अपने हाई लेवल से नीचे आ चुकी है। 5 अक्टूबर को MCX पर दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट का गोल्ड करीब 1.49 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। हालांकि, कीमतों में आई इस गिरावट के बावजूद यह मानना जल्दबाजी होगी कि सोना अब और नीचे नहीं जा सकता।

डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का असर

सोने की कीमतों पर इस समय कई वैश्विक कारकों का असर है। इनमें अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड प्रमुख हैं।

हाल की गिरावट में मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची ट्रेजरी यील्ड ने सोने पर दबाव बनाया है। आगे भी इन संकेतकों में बदलाव के साथ सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

दिवाली से पहले सोना खरीदना कितना सही?

एक्सपर्ट के अनुसार, अगर शादी, दिवाली या किसी अन्य जरूरत के लिए ज्वेलरी खरीदनी है, तो मौजूदा स्तरों पर जरूरत के मुताबिक खरीदारी की जा सकती है। हालांकि, केवल इस उम्मीद में कि मौजूदा कीमत ही सबसे निचला स्तर है, पूरी रकम एक साथ लगाने से बचना बेहतर हो सकता है।

निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने वालों के पास ज्वेलरी के अलावा अन्य विकल्प भी हैं। गोल्ड ETF इनमें एक विकल्प है। इसमें ज्वेलरी की तरह मेकिंग चार्ज नहीं देना पड़ता और निवेश को खरीदना-बेचना अपेक्षाकृत आसान होता है।

जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव

मौजूदा स्तरों पर सोना पहले की तुलना में सस्ता जरूर हुआ है लेकिन बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में खरीदारी या निवेश का फैसला करते समय अपनी जरूरत, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

दिवाली पर ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए जरूरत के हिसाब से खरीदारी महत्वपूर्ण है, जबकि निवेशकों को सोने की कीमत के साथ-साथ अपने कुल पोर्टफोलियो में इसकी हिस्सेदारी पर भी ध्यान देना चाहिए।
 
 

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