Vedanta के शेयर में 9% तक की गिरावट, 2 अरब डॉलर की फंड रेजिंग अटकने की आशंका पड़ रही भारी

Edited By Updated: 28 Feb, 2023 02:16 PM

vedanta shares fall by up to 9  2 billion fund raising

वेदांता लिमिटेड का शेयर मंगलवार, 28 फरवरी को बीएसई पर इंट्राडे में लगभग 9 फीसदी की गिरावट के साथ 262 रुपए के स्तर पर पहुंच गया। खास बात यह है कि शेयर में लगातार 8वें सेशन में गिरावट बनी हुई है। दरअसल, अगले कुछ हफ्तों में कंपनी की प्रस्तावित 2 अरब...

नई दिल्लीः वेदांता लिमिटेड का शेयर मंगलवार, 28 फरवरी को बीएसई पर इंट्राडे में लगभग 9 फीसदी की गिरावट के साथ 262 रुपए के स्तर पर पहुंच गया। खास बात यह है कि शेयर में लगातार 8वें सेशन में गिरावट बनी हुई है। दरअसल, अगले कुछ हफ्तों में कंपनी की प्रस्तावित 2 अरब डॉलर की फंडरेजिंग शुरू होने से शेयर पर दबाव देखने को मिल रहा है। इस प्रकार, शेयर 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस साल अभी तक शेयर 15 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। वहीं, वेदांता लि. के शेयर पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन में 12 फईसदी, एक महीने में 20 फीसदी टूट चुका है।

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि निकट भविष्य में माइनिंग कारोबारी अनिल अग्रवाल की अगुआई वाली वेदांता रिसोर्सेज 2 अरब डॉलर जुटाने में या हिंदुस्तान जिंक अपनी अंतर्राष्ट्रीय एसेट्स को बेचने में नाकाम रहती हैं तो कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को तगड़ा झटका लगेगा।

सरकार अटका सकती है यह प्लान

खबरों के मुताबिक, सरकार वेदांता रिसोर्सेज की हिंदुस्तान जिंक (HZL) की वैश्विक जिंक एसेट्स अपनी भारतीय सब्सिडियरी को लगभग 3 अरब डॉलर में बेचने की योजना के पक्ष में नहीं है। सरकार की 20 साल पहले प्राइवेटाइज की गई एचजेडएल में 29.54 फीसदी हिस्सेदारी है। सरकार ने एसेट्स की वैल्युएशन सहित कई चिंताएं जाहिर की हैं।

वेदांता लि. के जनवरी में डिविडेंड के ऐलान के बाद एसएंडपी ने कहा कि वेदांता रिसोर्सेज मार्च 2023 तक पूरी तरह फंडेड है। हालांकि, कंपनी के जुलाई और सितंबर के बीच सिर्फ 1.5 करोड़ डॉलर के डेट की मैच्योरिटी होनी हैं, जिसका मतलब है कि जून तक की अपनी देनदारियों को पूरा करने के लिए उसे न्यूनतम लगभग 50 करोड़ डॉलर जुटाने की जरूरत होगी।

वेदांता रिसोर्सेज को चुकाना है यह कर्ज

इस अवधि के दौरान Vedanta Resources को 30 करोड़ डॉलर का इंटर-कंपनी लोन और 35 करोड़ डॉलर दो बैंकों को चुकाने होंगे। अगर बड़ी फंड रेजिंग नहीं होती है तो कंपनी के पास रिपेमेंट्स के बाद बेहद कम लगभग 50 करोड़ डॉलर कैश बचेगा। इसके चलते, सितंबर के बाद डेट मैच्योरिटीज के लिए बाहरी फंडिंग अहम हो जाएगी। 31 दिसंबर, 2023 में समाप्त तिमाही में 50 करोड़ डॉलर कर्ज चुकाना है और जनवरी, 2024 में समाप्त तिमाही में 1 अरब डॉलर के बॉन्ड की देनदारी होगी।
 

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