सावधान ! मकर संक्रांति पर नहीं हो पाएंगे बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन, जानें नए नियम

Edited By Updated: 10 Jan, 2026 12:03 PM

baba vishwanath darshan

प्रयागराज के माघ मेले में आए श्रद्धालु अब बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी का रुख कर रहे हैं, जिससे वाराणसी में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।

Baba Vishwanath Darshan : प्रयागराज के माघ मेले में आए श्रद्धालु अब बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी का रुख कर रहे हैं, जिससे वाराणसी में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। आलम यह है कि मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की 2 से 3 किलोमीटर लंबी लाइनें लग रही हैं, और पूरा शहर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा है।

भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन के कड़े कदम
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। आगामी मकर संक्रांति 14 जनवरी के पावन पर्व पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालु केवल गर्भगृह के बाहर से ही झांकी दर्शन कर सकेंगे।

न केवल मकर संक्रांति, बल्कि माघ मेले के अन्य प्रमुख स्नान पर्वों मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर भी स्पर्श दर्शन और वीआईपी प्रोटोकॉल दर्शन बंद रहेंगे। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध रखने के लिए मंदिर के आसपास ज़िग-ज़ैग बैरिकेडिंग की गई है। गोदौलिया और मैदागिन क्षेत्रों में पैदल यात्रियों के लिए विशेष रूट चार्ट लागू किया गया है।

क्यों बढ़ रही है भीड़?
जानकारों का कहना है कि प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु अपनी आध्यात्मिक यात्रा को पूरा करने के लिए काशी विश्वनाथ के दर्शन को अनिवार्य मानते हैं। इस वर्ष माघ मेले में रिकॉर्ड भीड़ के कारण वाराणसी में भी पर्यटन और तीर्थाटन को भारी रफ़्तार मिली है।

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