Edited By Niyati Bhandari,Updated: 15 Aug, 2026 10:35 AM

Backyard Vastu Tips: जानें वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के बैकयार्ड की सही दिशा, पौधों का चुनाव और जल निकायों (Water Bodies) का स्थान। इन उपायों से घर में आएगी सुख-समृद्धि और शांति।
Backyard Vastu Tips: घर का पिछला हिस्सा अर्थात् ‘बैकयार्ड’ घर की सुंदरता बढ़ाता है, यह परिवार की मानसिक शांति और समृद्धि का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि बैकयार्ड सही दिशा और वास्तु के नियमों के अनुरूप व्यवस्थित हो, तो यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करता है।
आइए जानते हैं बैकयार्ड के लिए कुछ प्रमुख वास्तु निर्देश-
बैकयार्ड के लिए दिशा: घर के उत्तर या पूर्व भाग में खुला स्थान या बैकयार्ड होना बहुत शुभ होता है। यहां का फ्लोर लेवल घर के फ्लोर लेवल से नीचा रखना शुभ होता है, समतल भी रख सकते हैं लेकिन ऊंचा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यहां का ढलान ईशान कोण में होना चाहिए।

दक्षिण और पश्चिम दिशा में बहुत अधिक खुला स्थान छोड़ना वास्तु की दृष्टि से कम अनुकूल माना जाता है। यदि यहां बैकयार्ड है, तो यहां का फ्लोर लेवल घर के फ्लोर लेवल के बराबर होना चाहिए। नीचा बिल्कुल नहीं होना चहिए। खुले भाग में बरसात का पानी घर में न आये उसके लिए घर के दरवाजे पर पत्थर की पट्टी/राइजर लगा सकते हैं। यदि बेकयार्ड दक्षिण में है तो इसका स्लोप वायव्य कोण में रखिये यदि पश्चिम दिशा में है तो बेकयार्ड के ईशान कोण में रखिये।

यदि बेकयार्ड में पेड़-पौधे लगाना चाहते हैं तो उत्तर या पूर्व दिशा में छोटे पौधे लगाना चाहिए और दक्षिण पश्चिम में बड़े पेड़ लगाने चाहिए। याद रखें, उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में कभी भी बड़े पेड़ न लगाएं।

जल निकायों का स्थान - फव्वारा या कोई छोटा वाटर बॉडी बनाने के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) सबसे उत्तम दिशा है। यहां जमीन में गड्ढा करके भी फव्वारा लगा सकते हैं। यदि बैकयार्ड के दक्षिण-पश्चिम कोने में फव्वारा रखना हो तो यहां गड्ढा नहीं करेंगे इसे जमीन के ऊपर लगा सकते हैं।

स्विमिंग पूल - यदि स्विमिंग पूल बनाना है, तो उत्तर या पूर्व दिशा में ईशान कोण की ओर हल्का ढलान देते हुए बनाएं और फ्लोर लेवल नीचा रखें। यदि जगह की कमी के कारण पूल दक्षिण या पश्चिम में बनाना पड़े, तो उसे ओवर द ग्राउंड (जमीन के ऊपर) बनाना बेहतर होता है।

बैकयार्ड में रात के समय अंधेरा बिल्कुल न रखें। अच्छी रोशनी नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखती है। यहां पीले या गर्म (वार्म) रंगों की लाइटों का प्रयोग करना सुखद और सकारात्मक वातावरण बनाता है।

बैठने की व्यवस्थारू यदि बैकयार्ड पर्याप्त बड़ा है, तो वहां पत्थर या लकड़ी की बेंच रखें। शाम को यहां समय बिताना मानसिक तनाव को दूर करने और ताजी हवा के आनंद के लिए बेहतरीन है।

घर का बैकयार्ड यदि व्यवस्थित, स्वच्छ और वास्तु के नियमों के अनुरूप हो, तो यह न केवल घर के वातावरण को शुद्ध रखता है, बल्कि परिवार के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य और समृद्धि में भी सहायक होता है। नियमित सफाई और सही दिशा में पौधों का चुनाव करके आप अपने बैकयार्ड को सकारात्मक ऊर्जा का एक जीवंत केंद्र बना सकते हैं।
वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
thenebula2001@gmail.com
