Edited By Sarita Thapa,Updated: 01 Nov, 2026 09:56 AM

सनातन धर्म में भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। दीपावली के पांच दिवसीय पर्व का समापन इसी त्योहार के साथ होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की...
Bhai Dooj 2026 Date : सनातन धर्म में भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। दीपावली के पांच दिवसीय पर्व का समापन इसी त्योहार के साथ होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं, भाई भी अपनी बहनों को उपहार देकर हमेशा उनका साथ निभाने का वादा करते हैं। हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। तो आइए जानते हैं कि साल 2026 में भाई दूज कब मनाया जाएगा और इस दिन भाई को तिलक लगाने का शुभ समय क्या रहेगा।
भाई दूज 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, इस साल द्वितीया तिथि की शुरुआत 10 नवंबर को दोपहर 2 बजे शुरू होगी और इसका अंत 11 नवंबर को दोपहर 3 बजकर 53 मिनट पर होगा। ऐसे में भाई दूज का पर्व 11 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। इस त्योहार को भैया दूज और यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।

भाई दूज 2026 तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, 11 नवंबर को भाइयों के माथे पर तिलक करने का सबसे उत्तम और शुभ समय दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से लेकर 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। बहनें इस 2 घंटे 10 मिनट की कुल शुभ अवधि के दौरान कभी भी अपने भाई का पूजन और तिलक कर सकती हैं।
भाई दूज का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाई दूज का संबंध यमराज और उनकी बहन यमुना से जुड़ा हुआ है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार यमराज अपनी बहन यमुना के घर उनसे मिलने पहुंचे थे। बहन यमुना ने उनका आदर-सत्कार किया और उनके माथे पर तिलक लगाकर भोजन कराया। बहन के प्रेम और सत्कार से प्रसन्न हेकर यमराज ने उन्हें वरदान मांगने के लिए कहा। तब यमुना ने प्रार्थना की कि जो भाई इस दिन अपनी बहन के घर जाकर उससे तिलक करवाए औक भोजन करे, उसे अकाल मृत्यु का भय न रहे। यमराज ने उनकी बात स्वीकार कर ली। तभी से कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज मनाने की परंपरा चली आ रही है। मान्यता है कि इस दिन बहन के हाथों तिलक करवाने से भाई को यमराज का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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