Biggest Challenges in Sweet Manufacturing: मिठाई कारोबार के लिए बढ़ती लागत, सख्त नियमों से कठिन होगा त्यौहारी सीजन

Edited By Updated: 17 Aug, 2026 11:52 AM

biggest challenges in sweet manufacturing

त्यौहारों का मौसम नजदीक आते ही मिठाई कारोबार में तेजी आने लगी है, लेकिन इस बार मिठाई बनाने और बेचने वालों के लिए राह आसान नहीं रहने वाली। एक तरफ कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और दूसरी तरफ खाद्य सुरक्षा नियमों की सख्ती ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।...

नई दिल्ली (इंट): त्यौहारों का मौसम नजदीक आते ही मिठाई कारोबार में तेजी आने लगी है, लेकिन इस बार मिठाई बनाने और बेचने वालों के लिए राह आसान नहीं रहने वाली। एक तरफ कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और दूसरी तरफ खाद्य सुरक्षा नियमों की सख्ती ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। इसके बावजूद इस त्यौहारी सीजन में मिठाई की बिक्री में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ौतरी की उम्मीद जताई जा रही है।

राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) के साथ राष्ट्रीय नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफ.एस.एस.आई.) ने त्यौहारी सीजन को देखते हुए निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। मिठाई कारोबारियों को कच्चे माल की गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग, भंडारण और तापमान संबंधी नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा।

त्यौहारों के दौरान मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले खोया, दूध और ड्राई फ्रूट्स समेत प्रमुख कच्चे माल पर विशेष नजर रहेगी। कारोबारियों के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरे। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

सिर्फ कच्चे माल तक ही जांच सीमित नहीं रहेगी। मिठाई की दुकानों और उत्पादन इकाइयों में भंडारण व्यवस्था, तापमान की निगरानी, साफ-सफाई और हाइजीन ऑडिट पर भी विशेष जोर रहेगा। यानी मिठाई बनाने से लेकर ग्राहक तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया जांच के दायरे में होगी।

कच्चा माल महंगा हुआ तो बढ़ेंगे मिठाई के दाम : कारोबारियों के सामने एक बड़ी चुनौती लागत बढ़ने की भी है। दूध, खोया, ड्राई फ्रूट्स और अन्य कच्चे माल की कीमतों में बढ़ौतरी होने पर मिठाई और नमकीन बनाने वाली कंपनियां कीमतों में इजाफा कर सकती हैं। ऐसे में त्योहारों पर ग्राहकों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है।

बड़ी कंपनियां भी गुणवत्ता पर दे रहीं जोर : बड़े मिठाई ब्रांड्स ने भी इस चुनौती को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कंपनियां कच्चे माल की गुणवत्ता की लगातार निगरानी, नियंत्रित बैच में उत्पादन और कोल्ड-चेन व्यवस्था पर जोर दे रही हैं। उनका कहना है कि खाद्य सुरक्षा से समझौता किए बिना बढ़ती मांग को पूरा करना प्राथमिकता है।

ऑनलाइन मिठाई बाजार पर भी नजर : त्यौहारों में मिठाई की ऑनलाइन बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में कंपनियां पैकेजिंग, तापमान नियंत्रण और डिलीवरी के दौरान उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दे रही हैं। कारोबारियों के मुताबिक ग्राहक अब सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि मिठाई की गुणवत्ता और उसकी सुरक्षित डिलीवरी को भी महत्व देते हैं।

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