Edited By Prachi Sharma,Updated: 18 Jan, 2026 03:15 PM

Magh Gupt Navratri 2026 : हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष में चार बार नवरात्रि आती है, जिनमें से दो प्रत्यक्ष और दो गुप्त होती हैं। माघ मास की गुप्त नवरात्रि का आध्यात्मिक और तांत्रिक साधना की दृष्टि से विशेष महत्व है। वर्ष 2026 में गुप्त नवरात्रि कई...
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Magh Gupt Navratri 2026 : हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष में चार बार नवरात्रि आती है, जिनमें से दो प्रत्यक्ष और दो गुप्त होती हैं। माघ मास की गुप्त नवरात्रि का आध्यात्मिक और तांत्रिक साधना की दृष्टि से विशेष महत्व है। वर्ष 2026 में गुप्त नवरात्रि कई अत्यंत शुभ संयोगों के बीच शुरू हो रही है, जो भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने और सिद्धियां प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम मानी जा रही है। आइए जानते हैं माघ गुप्त नवरात्रि 2026 की तिथियां, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, बनने वाले विशेष योग और इसका धार्मिक महत्व।
माघ गुप्त नवरात्रि
प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ: 19 जनवरी 2026, सोमवार को सुबह 01:21 बजे.
प्रतिपदा तिथि का समापन: 20 जनवरी 2026, मंगलवार को सुबह 02:14 बजे.
उदयातिथि के अनुसार: माघ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ 19 जनवरी 2026 को होगा।
घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त
घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 7:14 से 10:46 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 12:53 बजे तक।

Pooja Vidhi पूजन विधि
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ लाल वस्त्र धारण करें।
लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें। मिट्टी के पात्र में जौ बोएं और जल से भरे कलश की स्थापना करें।
संभव हो तो अखंड ज्योति जलाएं, अन्यथा सुबह-शाम घी का दीपक अवश्य प्रज्वलित करें।
'ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः' या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
गुप्त अपनी पूजा के बारे में किसी बाहरी व्यक्ति से चर्चा न करें।
What to do and what not to do क्या करें और क्या न करें ?
क्या करें: सात्विक आहार लें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और अधिकतम समय मौन रहकर मंत्र जप करें।
क्या न करें: बाल या नाखून न काटें, मांस-मदिरा और लहसुन-प्याज का त्याग करें। किसी की बुराई न करें।
