Magh Mela 2026 : साधु-संतों के बीच 3 करोड़ की लग्ज़री कार, सतुआ बाबा की एंट्री ने लूटी सुर्खियां

Edited By Updated: 11 Jan, 2026 08:55 AM

magh mela 2026

Magh Mela 2026 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित संगम तट पर माघ मेला 2026 अपने भव्य स्वरूप के साथ श्रद्धालुओं और साधु-संतों से गुलजार है। लगातार स्नान और धार्मिक गतिविधियों के बीच इस बार माघ मेले में एक युवा संत अपनी अलग पहचान और शाही अंदाज़ के कारण...

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 Magh Mela 2026 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित संगम तट पर माघ मेला 2026 अपने भव्य स्वरूप के साथ श्रद्धालुओं और साधु-संतों से गुलजार है। लगातार स्नान और धार्मिक गतिविधियों के बीच इस बार माघ मेले में एक युवा संत अपनी अलग पहचान और शाही अंदाज़ के कारण सुर्खियों में आ गए हैं। जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास, जिन्हें लोग सतुआ बाबा के नाम से जानते हैं, करीब तीन करोड़ रुपये की लग्ज़री लैंड रोवर डिफेंडर कार में मेला परिसर पहुंचे, जिसके बाद वे चर्चा का केंद्र बन गए।

कुंभ हो या माघ मेला, प्रयागराज हमेशा अपने धार्मिक वातावरण और विशिष्ट चेहरों के कारण सुर्खियों में रहता है। इस बार संत सतुआ बाबा की सादगी और आधुनिक लाइफस्टाइल का अनोखा मेल लोगों का ध्यान खींच रहा है। आम तौर पर बेहद साधारण जीवन जीने वाले इस युवा संत की महंगी कार और उनका स्टाइल चर्चा का विषय बन गया है।

बताया जा रहा है कि माघ मेला 2026 में पहुंचने वाले संतों में सतुआ बाबा की कार सबसे महंगी है। उनकी लैंड रोवर डिफेंडर की कीमत करीब 2.85 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि टैक्स और अन्य खर्च जोड़ने के बाद इसकी कुल कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक हो जाती है। काले चश्मे के साथ इस शानदार गाड़ी में उनकी एंट्री ने लोगों को चौंका दिया।

जानकारी के अनुसार, सतुआ बाबा की यह लग्ज़री कार उत्तराखंड में रजिस्टर्ड है और इसका पंजीकरण हरिद्वार में कराया गया है। कार पर ‘विष्णु स्वामी जगतगुरु सतुआ बाबा काशी’ अंकित है। वहीं, मेला क्षेत्र में उनका आश्रम और सेवा शिविर भी खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां सनातन संस्कृति की झलक के साथ आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विशाल पंडाल लगाया गया है।

सतुआ बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के मसौरा गांव में हुआ था। उनके माता-पिता ने उनका नाम संतोष तिवारी रखा था। महज 11 वर्ष की उम्र में उन्होंने सांसारिक जीवन त्यागकर आध्यात्म का मार्ग चुन लिया। वर्तमान में वे विष्णुस्वामी संप्रदाय की सतुआ बाबा पीठ के प्रमुख हैं और ब्रह्मलीन यमुनाचार्य महाराज के निधन के बाद उन्हें पीठाधीश्वर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

बताया जाता है कि सतुआ बाबा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी संतों में गिने जाते हैं। वे कई मौकों पर वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में मुख्यमंत्री के साथ नजर आ चुके हैं।

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