एक नजर में प्यार और फिर उम्र भर का इंतज़ार ! इस मूलांक के लोगों की लव लाइफ में क्यों छिपी है इतनी तड़प ?

Edited By Updated: 08 Apr, 2026 02:38 PM

numerology love life secrets

अंकज्योतिष के अनुसार, हमारे जन्म की तारीख केवल एक नंबर नहीं होती, बल्कि यह हमारे स्वभाव और भाग्य के कई गहरे राज खोलती है। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें पहली नजर में ही प्यार हो जाता है, लेकिन उनकी किस्मत में मिलन से ज्यादा इंतज़ार लिखा होता है।

Numerology Love Life Secrets : अंकज्योतिष के अनुसार, हमारे जन्म की तारीख केवल एक नंबर नहीं होती, बल्कि यह हमारे स्वभाव और भाग्य के कई गहरे राज खोलती है। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें पहली नजर में ही प्यार हो जाता है, लेकिन उनकी किस्मत में मिलन से ज्यादा इंतज़ार लिखा होता है। विशेष रूप से मूलांक 2 और मूलांक 7 के जातकों की लव लाइफ में अक्सर एक अजीब सी तड़प और अधूरापन देखने को मिलता है। तो आइए जानते हैं इसके पीछे का ज्योतिषीय और मनोवैज्ञानिक कारण के बारे में-

मूलांक 2
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 2 होता है। इस अंक का स्वामी चंद्रमा है। ये लोग स्वभाव से बेहद कल्पनाशील और भावुक होते हैं। ये अक्सर किसी की बाहरी सुंदरता से ज्यादा उसके व्यवहार और सादगी पर दिल हार बैठते हैं। इनके लिए प्यार सिर्फ आकर्षण नहीं, बल्कि रूह का रिश्ता होता है। चंद्रमा की तरह इनका मन भी घटता-बढ़ता रहता है। ये अपने पार्टनर से बहुत ज्यादा उम्मीदें लगा लेते हैं। जब सामने वाला उतनी गहराई से प्यार नहीं निभा पाता, तो ये अंदर ही अंदर टूट जाते हैं और उम्र भर उस परफेक्ट प्यार के इंतज़ार में बिता देते हैं।

मूलांक 7
जिनका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 7 होता है। इनका स्वामी केतु है। ये लोग भीड़ में रहकर भी अकेले होते हैं। इनका प्यार शारीरिक से ज्यादा मानसिक और आध्यात्मिक होता है। ये अक्सर ऐसे इंसान की तलाश में रहते हैं जो इनके अनकहे शब्दों को भी समझ सके। केतु Detachment का कारक है। अक्सर देखा गया है कि मूलांक 7 वालों का पहला प्यार किसी न किसी वजह से अधूरा रह जाता है। ये उस इंसान को अपनी यादों से निकाल नहीं पाते और एक लंबी 'खामोश तड़प' इनके जीवन का हिस्सा बन जाती है।

क्यों आती है इनके रिश्तों में बाधा?
ओवर-थिंकिंग (ज्यादा सोचना):
ये दोनों ही मूलांक वाले लोग छोटी-छोटी बातों का गहरा मतलब निकालते हैं, जिससे गलतफहमियां बढ़ती हैं।

खुलकर न बोल पाना: ये अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोने के बजाय यह उम्मीद करते हैं कि सामने वाला खुद ही सब समझ जाए।

पुराने जख्म: ये लोग अतीत को पकड़कर रखने के शौकीन होते हैं। एक बार दिल टूटने के बाद, ये नए रिश्तों को वह जगह नहीं दे पाते जो पहले को दी थी।

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