Edited By Sarita Thapa,Updated: 23 Oct, 2026 03:30 PM

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार देर रात उस वक्त सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक अभ्यास किया गया, जब NSG यानी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के ब्लैक कैट कमांडो ने ‘ऑपरेशन महाकाल’ के तहत मॉक ड्रिल को अंजाम दिया।
उज्जैन ( विशाल ठाकुर) : विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार देर रात उस वक्त सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक अभ्यास किया गया, जब NSG यानी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के ब्लैक कैट कमांडो ने ‘ऑपरेशन महाकाल’ के तहत मॉक ड्रिल को अंजाम दिया। करीब 100 कमांडो की मौजूदगी में हुए इस अभ्यास का उद्देश्य आतंकी हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियों को परखना था।
यह मॉक ड्रिल रात 11 बजे से शुक्रवार तड़के 2 बजे तक चली। इस दौरान कमांडो ने मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का अभ्यास किया। महाकाल लोक, मानसरोवर भवन और त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के आसपास विशेष गतिविधियां की गईं। काल्पनिक आतंकी हमले की स्थिति बनाकर संदिग्धों की तलाश, खतरे को निष्क्रिय करने और परिसर में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास किया गया। साथ ही प्रवेश और निकास द्वारों, आपातकालीन रास्तों और रणनीतिक स्थानों का भी जायजा लिया गया।
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पर्वों और विशेष अवसरों पर भक्तों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होती है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और आपातकालीन तैयारियां बेहद महत्वपूर्ण हैं। गौरतलब है कि इससे पहले 26 सितंबर 2023 को भी महाकाल मंदिर परिसर में NSG कमांडो ने सुरक्षा संबंधी मॉक ड्रिल की थी। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियों को मजबूत करना है।
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