Varuthini Ekadashi 2026 : वरुथिनी एकादशी पर शिव जी का इन चीजों से करें अभिषेक, बरसेगा धन और बढ़ेगा मान

Edited By Updated: 08 Apr, 2026 04:05 PM

varuthini ekadashi 2026

वरुथिनी एकादशी को सनातन धर्म में बेहद कल्याणकारी और सौभाग्य प्रदान करने वाली तिथि माना गया है। आमतौर पर एकादशी भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित होती है, लेकिन यदि इस दिन महादेव का विशेष अभिषेक किया जाए, तो यह 'सोने पर सुहागा' जैसी स्थिति बन...

Varuthini Ekadashi 2026 : वरुथिनी एकादशी को सनातन धर्म में बेहद कल्याणकारी और सौभाग्य प्रदान करने वाली तिथि माना गया है। आमतौर पर एकादशी भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित होती है, लेकिन यदि इस दिन महादेव का विशेष अभिषेक किया जाए, तो यह 'सोने पर सुहागा' जैसी स्थिति बन जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वरुथिनी एकादशी पर भगवान शिव की पूजा करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति में भी चमत्कारी सुधार होता है। तो आइए जानते हैं कि इस पावन दिन पर शिव जी का अभिषेक किन चीजों से करना आपके लिए सबसे अधिक फलदायी होगा।

Varuthini Ekadashi 2026

इन 5 चीजों से करें महादेव का अभिषेक

केसर मिश्रित दूध से अभिषेक 
यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं या व्यापार में घाटा हो रहा है, तो वरुथिनी एकादशी पर गाय के कच्चे दूध में थोड़ा केसर मिलाकर महादेव का अभिषेक करें।

लाभ: केसर और दूध का यह मेल लक्ष्मी-नारायण के साथ-साथ शिव जी को भी अत्यंत प्रिय है, जिससे रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं।

गन्ने के रस से अभिषेक 
शास्त्रों में गन्ने के रस को लक्ष्मी का कारक माना गया है। वरुथिनी एकादशी पर गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करना दरिद्रता को जड़ से खत्म करने में सहायक होता है।

लाभ: इससे घर में सुख-सुविधाओं की वृद्धि होती है और भौतिक सुख प्राप्त होते हैं।

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शहद और घी से अभिषेक
समाज में पद, प्रतिष्ठा और मान-सम्मान की प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर पहले शहद और फिर शुद्ध देसी घी अर्पित करें।

लाभ: यह उपाय आपके व्यक्तित्व में आकर्षण पैदा करता है और कार्यक्षेत्र में आपके वर्चस्व को बढ़ाता है।

पंचामृत अभिषेक 
दूध, दही, घी, शहद और शक्कर के मिश्रण यानी पंचामृत से महादेव का अभिषेक करें।

लाभ: यह अभिषेक जीवन की हर छोटी-बड़ी रुकावट को दूर करता है और परिवार में शांति बनाए रखता है।

चंदन का लेप 
अभिषेक के पश्चात महादेव पर सफेद चंदन का त्रिपुंड लगाएं और बेलपत्र अर्पित करें।

लाभ: इससे आपके निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और क्रोध पर नियंत्रण आता है, जो अंततः आपकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।

वरुथिनी एकादशी पर शिव पूजा का विशेष मंत्र

"ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥"

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