Edited By Prachi Sharma,Updated: 09 Jan, 2026 12:02 PM

Vastu Tips : वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर में रखी हर वस्तु सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। अक्सर हम घर बनवाते समय दिशाओं का तो ध्यान रखते हैं लेकिन घर के फनीचर और उसके रंगों को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु एक्सपर्ट्स का मानना...
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Vastu Tips : वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर में रखी हर वस्तु सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। अक्सर हम घर बनवाते समय दिशाओं का तो ध्यान रखते हैं लेकिन घर के फनीचर और उसके रंगों को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु एक्सपर्ट्स का मानना है कि फर्नीचर का रंग न केवल आपके घर की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि यह आपकी सुख-समृद्धि, सेहत और तरक्की को भी सीधे प्रभावित करता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वास्तु के अनुसार आपके घर के फर्नीचर का रंग कैसा होना चाहिए और वह आपकी किस्मत को कैसे बदल सकता है।
फर्नीचर के रंग और दिशाओं का संबंध
पूर्व दिशा
पूर्व दिशा सूर्य की दिशा है और इसे विकास व सामाजिक संबंधों का कारक माना जाता है। यहां रखे फर्नीचर के लिए हल्का भूरा या हरा रंग सबसे उत्तम है। इससे परिवार के सदस्यों का मान-सम्मान बढ़ता है और सामाजिक रिश्ते मजबूत होते हैं।
उत्तर दिशा
उत्तर दिशा कुबेर देव की मानी जाती है, जो धन और करियर के अवसरों को नियंत्रित करती है। इस दिशा में नीला या सफेद रंग का फर्नीचर रखना चाहिए। यह करियर में नए अवसर लाता है और आर्थिक तंगी को दूर करता है।
दक्षिण और पश्चिम दिशा
ये दिशाएं भारीपन और स्थिरता की प्रतीक हैं। यहां गहरा भूरा या लाल रंग के फर्नीचर का चुनाव करें। इससे घर में स्थिरता आती है और मुखिया का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

कमरे के अनुसार चुनें फर्नीचर का रंग
लिविंग रूम
लिविंग रूम वह स्थान है जहां मेहमान आते हैं और परिवार के लोग समय बिताते हैं। यहां ऊर्जा का संतुलन बहुत जरूरी है। यहां क्रीम, बेज या हल्के रंग का सोफा और फर्नीचर रखें। गहरे काले या बहुत डार्क रंगों से बचें, क्योंकि ये उदासी और तनाव पैदा कर सकते हैं।
बेडरूम
बेडरूम शांति और विश्राम का स्थान है। यहां फर्नीचर के रंग मन को सुकून देने वाले होने चाहिए। लकड़ी का प्राकृतिक रंग या हल्का गुलाबी, हल्का हरा रंग श्रेष्ठ है। बेडरूम में कभी भी चमकदार या लाल रंग का फर्नीचर न रखें, इससे नींद में खलल पड़ता है और वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है।
