Iran Protests: ईरान से बाहर भेजा जा रहा सोना, क्या तख्तापलट से पहले की तैयारी?

Edited By Updated: 07 Jan, 2026 10:14 PM

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ईरान में इस समय सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर मौजूदा शासन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इसी बीच ईरान को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय हलकों...

इंटरनेशनल डेस्कः ईरान में इस समय सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर मौजूदा शासन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इसी बीच ईरान को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल मचा दी है।

ब्रिटेन के सीनियर नेता का बड़ा दावा

ब्रिटेन के वरिष्ठ सांसद और पूर्व सुरक्षा मंत्री टॉम टुगेनहाट ने दावा किया है कि ईरान से भारी मात्रा में सोना देश के बाहर भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि यह गतिविधि इस बात का संकेत हो सकती है कि ईरानी सरकार तख्तापलट या सत्ता परिवर्तन के बाद की स्थिति के लिए पहले से तैयारी कर रही है।

रूसी कार्गो विमानों की संदिग्ध गतिविधि

ब्रिटिश संसद के एक सत्र के दौरान टॉम टुगेनहाट ने बताया कि कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी कार्गो विमान लगातार तेहरान पहुंच रहे हैं। इन विमानों के जरिए हथियार और गोला-बारूद लाए जा रहे हैं। साथ ही खबरें हैं कि ईरान से बड़ी मात्रा में सोना बाहर भेजा जा रहा है।

टुगेनहाट के अनुसार, इन सभी गतिविधियों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। उनका मानना है कि यह संकेत देता है कि इस्लामी गणराज्य तख्तापलट के बाद की स्थिति के लिए खुद को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा है।

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन और तेज

हाल के दिनों में ईरान में राष्ट्रीय विद्रोह और ज्यादा तेज हो गया है। कई प्रांतों और शहरों में लोग खुले तौर पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट

4 जनवरी को ब्रिटिश अखबार द टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि अगर जन आंदोलन और तेज होता है तो ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मॉस्को भागने की योजना बनाई जा सकती है। इस रिपोर्ट के बाद दुनिया भर में चर्चा तेज हो गई।

पूर्व शाही परिवार की जनता से अपील

इसी बीच ईरान के पूर्व शाही परिवार से जुड़े प्रिंस रजा पहलवी ने ईरानी जनता से खुली अपील की है। उन्होंने लोगों से कहा कि गुरुवार और शुक्रवार (8 और 9 जनवरी) रात 8 बजे लोग अपने घरों और सड़कों से नारे लगाएं और सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएं। यह अपील ऐसे समय पर आई है जब देश में असंतोष अपने चरम पर बताया जा रहा है।

अमेरिका की ईरान को खुली चेतावनी

अमेरिका की तरफ से भी ईरान को लेकर कड़े और सख्त बयान सामने आए हैं।

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का बयान

अमेरिकी सीनेटर और रिपब्लिकन नेता लिंडसे ग्राहम ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा- अगर ईरानी सरकार अपने ही लोगों पर हिंसा जारी रखती है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कड़ा कदम उठा सकते हैं। उन्होंने साफ कहा: ट्रंप, बराक ओबामा जैसे नहीं हैं और वे ईरान के प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हैं।

“मध्य पूर्व का सबसे बड़ा बदलाव”!

लिंडसे ग्राहम ने यह भी दावा किया कि ईरान में बड़ा बदलाव तय है। यह बदलाव मध्य पूर्व के इतिहास का सबसे बड़ा परिवर्तन साबित हो सकता है।

ट्रंप की लगातार चेतावनी

  • 5 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या होती है तो ईरान को कड़ी सजा मिलेगी। 12 जनवरी को ट्रंप ने फिर दोहराया कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई गईं तो अमेरिका लोगों को बचाने के लिए कार्रवाई करेगा।

अमेरिकी सैन्य तैयारी के संकेत?

इससे पहले 15 दिसंबर को ब्रिटिश अखबार द सन ने रिपोर्ट किया था कि कई अमेरिकी सैन्य जेट विमानों को ब्रिटेन और जर्मनी भेजा गया। इस कदम को ईरान की मौजूदा स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है।

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