Edited By Tanuja,Updated: 18 Jan, 2026 05:59 PM

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों पर यूरोपीय संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। EU संसद अध्यक्ष रोबर्टा मेटसोला ने साफ कहा कि ग्रीनलैंड न तो बिक्री के लिए है और न ही उसकी संप्रभुता पर कोई समझौता होगा।
International Desk: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों पर यूरोपीय संघ ने खुलकर विरोध दर्ज कराया है। यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेटसोला ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और उसकी संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। मेटसोला ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा, “यूरोपीय संघ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ एकजुट है। NATO सहयोगियों के खिलाफ उठाए गए ये कदम आर्कटिक सुरक्षा को मजबूत नहीं करेंगे, बल्कि हमारे साझा दुश्मनों को प्रोत्साहित कर सकते हैं। ग्रीनलैंड और डेनमार्क दोनों ने साफ कर दिया है ग्रीनलैंड न बिकेगा और न ही किसी दबाव में आएगा।”
दरअसल, ट्रंप ने घोषणा की है कि यदि यूरोपीय देश ग्रीनलैंड को अमेरिका को बेचने पर सहमत नहीं होते, तो 1 फरवरी 2026 से 10% और 1 जून 2026 से 25% तक टैरिफ लगाए जाएंगे। यह टैरिफ डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड पर लागू करने की चेतावनी दी गई है। इस घटनाक्रम के बीच EU और अमेरिका के बीच जुलाई 2025 में घोषित ट्रेड डील की पुष्टि प्रक्रिया को भी फिलहाल रोक दिया गया है।
यूरोपीय पीपुल्स पार्टी के उपाध्यक्ष सिगफ्राइड मुरेसान ने कहा कि मौजूदा हालात में इस समझौते पर आगे बढ़ना संभव नहीं है।फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी ट्रंप की धमकियों को “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि फ्रांस, ग्रीनलैंड और यूक्रेन की संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी दबाव से नहीं डरेगा।यूरोपीय नेताओं का मानना है कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका का यह रवैया न केवल EU-US संबंधों बल्कि NATO की एकता के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकता है।