Edited By shukdev,Updated: 30 Apr, 2020 06:19 PM

कोविड-19 महामारी की वजह से काम के घंटों में गिरावट के बाद दुनिया भर में असंगठित क्षेत्र के 1.6 अरब श्रमिकों के सामने रोजगार खोने का संकट खड़ा हो गया है। यह संख्या वैश्विक स्तर पर कुल श्रमबल की आधी है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने कहा कि 43 ...
संयुक्त राष्ट्र: कोविड-19 महामारी की वजह से काम के घंटों में गिरावट के बाद दुनिया भर में असंगठित क्षेत्र के 1.6 अरब श्रमिकों के सामने रोजगार खोने का संकट खड़ा हो गया है। यह संख्या वैश्विक स्तर पर कुल श्रमबल की आधी है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने कहा कि 43 करोड़ से ज्यादा उद्यम बेहद प्रभावित हैं जिसमें खुदरा और उत्पादन वाले क्षेत्र शामिल हैं। यह जानकारी आईएलओ मॉनिटर के तीसरे संस्करण ‘कोविड-19 और काम की दुनिया' में बुधवार को प्रकाशित हुई।
वैश्विक स्तर पर करीब 3.3 अरब श्रमिक हैं। करीब दो अरब नौकरियां असंगठित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्र में हैं और ये ऐसे श्रमिक हैं जिनकी नौकरियां जाने का सबसे ज्यादा खतरा है। एजेंसी ने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से आर्थिक गिरावट से असंगठित क्षेत्र के 1.6 अरब लोगों के सामने आजीविका कमाने का संकट खड़ा हो गया है। आईएलओ के अनुसार बंद और बेहद प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले ऐसे श्रमिकों की आय में बंद के पहले महीने में वैश्विक स्तर पर 60 फीसदी की गिरावट हुई है।
आईएलओ के महानिदेशक गाय रेडर ने कहा कि महामारी और नौकरियों के संकट की वजह से इन श्रमिकों की आजीविका को सुरक्षित करना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि लाखों श्रमिकों के लिए कमाई नहीं होने का मतलब भोजन का जरिया का खत्म होना है और उनका भविष्य डूब जाएगा। दुनिया भर में लाखों कारोबार दम तोड़ने को हैं।