Edited By Tanuja,Updated: 10 Jan, 2026 12:48 PM

इरान में जारी देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक वरिष्ठ ईरानी नेता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मादुरो की तरह किडनैप करने की धमकी दी है। वहीं ट्रंप लगातार ईरान को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
International Desk: ईरान एक बार फिर व्यापक विरोध प्रदर्शनों की चपेट में है। दिसंबर में शुरू हुआ जनआंदोलन अब देश के सभी 31 प्रांतों और 100 से अधिक शहरों तक फैल चुका है। गिरती अर्थव्यवस्था, ईरानी रियाल की ऐतिहासिक कमजोरी, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने जनता के गुस्से को सड़कों पर ला दिया है।प्रदर्शनकारियों के निशाने पर सीधे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई हैं। कई जगहों पर लोग निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी के समर्थन में नारे लगाते नजर आ रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ईरानी नेता की ट्रंप को धमकी
इस उथल-पुथल के बीच ईरान के वरिष्ठ नेता हसन रहीमपुर अजघादी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर बेहद विवादित बयान दिया है। सुप्रीम काउंसिल ऑफ कल्चरल रेवोल्यूशन के सदस्य अजघादी ने कहा कि“ईरान को ट्रंप के साथ वही करना चाहिए, जो अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के साथ किया। यानि ट्रंप को भी अगवा कर लेना चाहिए ” उन्होंने दावा किया कि ट्रंप को उसके ईरान-विरोधी रवैये की कीमत चुकानी पड़ेगी और यह कार्रवाई उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान या उसके बाद भी हो सकती है। इस बयान को ट्रंप को किडनैप करने की खुली धमकी के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप भी नहीं कर रहे नरमी
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान को लेकर लगातार आक्रामक बयान दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सुरक्षा बल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रखते हैं, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है।ट्रंप ने खामेनेई को सीधे संदेश देते हुए कहा है कि अमेरिका वहां प्रहार करेगा, जहां ईरान को सबसे ज्यादा दर्द होगा। ईरान के भीतर जारी अस्थिरता और अमेरिका की सख्त चेतावनियों के बीच दोनों देशों के रिश्ते और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयानों से हालात काबू से बाहर भी जा सकते हैं और मध्य पूर्व में एक नया संकट खड़ा हो सकता है।