अंतर्राष्ट्रीय सियासत में नया अध्याय शुरूः ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल हुआ इजराइल, UN की भूमिका पर उठे सवाल

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 01:42 PM

israel s netanyahu agrees to join trump s board of peace

गाजा के भविष्य और वैश्विक शांति की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने पर सहमति जता दी है, जबकि ट्रंप ने इसे संयुक्त राष्ट्र के विकल्प...

International Desk: गाजा युद्ध के बाद के दौर और वैश्विक संघर्षों के समाधान को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया अध्याय खुलता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को लेकर जहां संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अब इजराइल ने भी इस पहल को समर्थन दे दिया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए सहमति दे दी है। नेतन्याहू के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि इजराइल इस मंच के साथ सहयोग करेगा, हालांकि इससे पहले इजराइल ने बोर्ड के गाजा से जुड़े कार्यकारी ढांचे को लेकर आपत्तियां जताई थीं और कहा था कि उसकी संरचना इजराइली हितों के अनुरूप नहीं है।

 

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर आयोजित लगभग 105 मिनट की लंबी प्रेसवार्ता में ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र “कभी भी अपनी पूरी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर पाया।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि संयुक्त राष्ट्र प्रभावी भूमिका निभाता, तो गाजा के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ‘बोर्ड ऑफ पीस’ भविष्य में संयुक्त राष्ट्र का स्थान ले सकता है, तो उन्होंने कहा, “यह संभव है। संयुक्त राष्ट्र बहुत मददगार साबित नहीं हुआ है।” ट्रंप ने दावा किया कि अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में उन्होंने आठ बड़े संघर्षों को सुलझाया, जिनमें भारत-पाकिस्तान, कोसोवो-सर्बिया और कांगो-रवांडा जैसे टकराव शामिल हैं, जबकि इन मामलों में संयुक्त राष्ट्र की कोई भूमिका नहीं रही।

 

ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों को एक साथ बैठाकर “कठोर बातचीत” के जरिए समाधान निकाले। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई वैश्विक नेताओं को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता दिया है। इस मंच को गाजा में स्थायी शांति, पुनर्निर्माण और वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक “साहसिक और नया दृष्टिकोण” बताया जा रहा है। वहीं संयुक्त राष्ट्र ने इस पहल पर संतुलित प्रतिक्रिया दी है। महासचिव एंतोनियो गुतारेस के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र हमेशा विभिन्न क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सह-अस्तित्व में रहा है। उन्होंने कहा कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ किस स्वरूप में उभरता है, यह देखने के बाद ही उसके साथ संबंधों पर फैसला किया जाएगा।
 

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