Edited By Pardeep,Updated: 16 Jan, 2026 06:41 AM

वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आखिरकार व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई। वेनेजुएला में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और संकट के बाद इस बैठक पर दुनियाभर की नजरें...
इंटरनेशनल डेस्कः वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आखिरकार व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई। वेनेजुएला में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और संकट के बाद इस बैठक पर दुनियाभर की नजरें टिकी थीं।गुरुवार को मचाडो लंच मीटिंग के लिए व्हाइट हाउस पहुंचीं। करीब एक घंटे से ज्यादा चली इस मुलाकात के बाद मचाडो ने एक बड़ा दावा किया, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी।
ट्रंप को सौंपा नोबेल शांति पुरस्कार का पदक
मचाडो ने कहा कि उन्होंने मीटिंग के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप ने यह पदक औपचारिक रूप से स्वीकार किया या नहीं। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या ट्रंप ने पुरस्कार स्वीकार कर लिया है, तो मचाडो ने इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब बीते कुछ हफ्तों से अटकलें लगाई जा रही थीं कि मचाडो ट्रंप को नोबेल पुरस्कार से जुड़ा कोई प्रतीकात्मक सम्मान दे सकती हैं। मचाडो पहले भी सार्वजनिक मंचों से ट्रंप की भूमिका की सराहना कर चुकी हैं। हालांकि, नोबेल शांति पुरस्कार देने वाली संस्था पहले ही साफ कर चुकी है कि नियमों के अनुसार यह पुरस्कार न तो हस्तांतरित किया जा सकता है और न ही साझा किया जा सकता है।
व्हाइट हाउस से निकलते वक्त समर्थकों ने किया स्वागत
मीटिंग के बाद जब मचाडो व्हाइट हाउस से बाहर निकलीं, तो वहां मौजूद उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। समर्थकों ने नारे लगाए और मचाडो ने उनसे कहा, “हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं।” इसके बाद कुछ लोगों ने “थैंक यू, ट्रंप” के नारे लगाए। इसके बाद मचाडो वॉशिंगटन में अन्य राजनीतिक बैठकों के लिए रवाना हो गईं।
ट्रंप की ओर से मचाडो को मिला गिफ्ट
व्हाइट हाउस से निकलते समय मचाडो के हाथ में एक लाल रंग का गिफ्ट बैग भी दिखाई दिया, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम और सिग्नेचर मौजूद थे। इस बैग में क्या रखा था, इसकी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।
व्हाइट हाउस का बयान
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने मचाडो को वेनेजुएला के कई लोगों की “एक उल्लेखनीय और साहसी आवाज” बताया। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि मचाडो के नेतृत्व की संभावनाओं को लेकर ट्रंप का रुख पहले जैसा ही है। ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि मचाडो को देश के भीतर पर्याप्त घरेलू समर्थन हासिल नहीं है।
अमेरिका से मिला-जुला समर्थन
नोबेल पुरस्कार विजेता और लोकतंत्र की मुखर समर्थक होने के बावजूद, मचाडो को अमेरिका से मिला-जुला समर्थन मिला है। एक ओर जहां कुछ अमेरिकी सांसद मचाडो का खुलकर समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल और आर्थिक मामलों में सहयोग को लेकर डेल्सी रोड्रिगेज की सार्वजनिक रूप से तारीफ की है।
महीनों बाद वॉशिंगटन में पहली सार्वजनिक मौजूदगी
गुरुवार की यह बैठक मचाडो की कई महीनों बाद वॉशिंगटन में पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी। सुरक्षा को लेकर खतरे के चलते उन्हें वेनेजुएला छोड़ना पड़ा था। मादुरो समर्थक सर्वोच्च न्यायालय ने मचाडो को वेनेजुएला के 2024 राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोक दिया था। स्वतंत्र पर्यवेक्षकों का कहना है कि विपक्ष समर्थित उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज ने चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की थी, लेकिन इसके बावजूद निकोलस मादुरो ने खुद को विजेता घोषित कर सत्ता पर कब्जा बनाए रखा।
अमेरिकी सांसदों से भी हुई मुलाकात
डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी, जिन्होंने मचाडो से मुलाकात की, ने बताया कि मचाडो ने सांसदों से कहा कि वेनेजुएला में दमनकारी शासन मादुरो के दौर से लगातार जारी है। उन्होंने अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को एक “कुशल नेता” बताया, जो राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थन से और मजबूत होती जा रही हैं।
ट्रंप की प्राथमिकता क्या है?
डोनाल्ड ट्रंप पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनकी प्राथमिकता वेनेजुएला के तेल तक अमेरिकी पहुंच सुनिश्चित करना और देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करना है। मादुरो के बाद सत्ता संभाल रहीं डेल्सी रोड्रिगेज की ट्रंप कई बार तारीफ कर चुके हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका की नीति फिलहाल व्यावहारिक हितों पर ज्यादा केंद्रित है।