Edited By Pardeep,Updated: 09 Jan, 2026 01:03 AM

वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में एक अहम प्रस्ताव पास हो गया है, जो विदेशों में सैन्य कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करता है।
इंटरनेशनल डेस्कः वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में एक अहम प्रस्ताव पास हो गया है, जो विदेशों में सैन्य कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करता है।
इस प्रस्ताव के पक्ष में 52 वोट पड़े, जबकि 47 सीनेटरों ने ट्रंप के समर्थन में वोट दिया। खास बात यह रही कि ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के 5 सीनेटरों ने भी उनके खिलाफ वोट किया। इससे साफ हो गया कि वेनेजुएला मुद्दे पर ट्रंप को अपनी ही पार्टी में पूरा समर्थन नहीं मिल रहा है।
बिना संसद की मंजूरी अब नहीं हो सकेगी सैन्य कार्रवाई
यह प्रस्ताव खास तौर पर वेनेजुएला में संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए लाया गया था। प्रस्ताव में साफ कहा गया है कि अमेरिका कांग्रेस (संसद) की अनुमति के बिना किसी भी देश के खिलाफ युद्ध या सैन्य कार्रवाई नहीं कर सकता। राष्ट्रपति को किसी भी बड़े सैन्य कदम से पहले संसद की मंजूरी लेनी होगी। इसका सीधा मतलब है कि अब ट्रंप के लिए वेनेजुएला या किसी अन्य देश में सेना भेजना या हमला करना आसान नहीं होगा। राष्ट्रपति के अधिकारों पर लगाम लग गई है।
अभी कानून नहीं बना है, आगे की प्रक्रिया बाकी
हालांकि, यह प्रस्ताव अभी पूरी तरह कानून नहीं बना है। इसे लागू होने के लिए:
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हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचला सदन) से भी पास होना जरूरी है।
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दोनों सदनों की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर चाहिए।
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ट्रंप के पास इसे वीटो करने का अधिकार भी है।
इसके बावजूद, सीनेट में हुई वोटिंग ने ट्रंप के लिए राजनीतिक मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं।
आज की वोटिंग का क्या असर पड़ेगा?
इस फैसले के कई बड़े राजनीतिक और रणनीतिक असर माने जा रहे हैं:
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ट्रंप पर राजनीतिक दबाव और बढ़ेगा।
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अमेरिकी सेना बिना संसद की अनुमति के किसी कार्रवाई से हिचक सकती है।
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रूस और चीन को यह संदेश जाएगा कि अमेरिका अंदर से बंटा हुआ है।
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ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की धमकियों से यूरोप को थोड़ी राहत मिल सकती है।
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भारत के स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी (रणनीतिक स्वतंत्रता) के सिद्धांत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिल सकती है।
वेनेजुएला पर अमेरिका की सख्ती जारी
सीनेट के इस फैसले के बावजूद अमेरिका ने वेनेजुएला पर अपनी सख्ती कम नहीं की है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भी अमेरिकी सेना कैरिबियन क्षेत्र में तैनात है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ड्रग तस्करी में शामिल जहाजों और नावों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला जा रहे एक रूसी तेल टैंकर को भी जब्त किया था।
ट्रंप की डेल्सी रोड्रिगेज को चेतावनी
ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम नेता और मादुरो की पूर्व सहयोगी डेल्सी रोड्रिगेज को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर वह अमेरिका की शर्तें नहीं मानती हैं, तो उन्हें मादुरो से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसके अलावा ट्रंप ने कोलंबिया और ग्रीनलैंड के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है।
तेल और सत्ता पर नजर
ट्रंप का साफ कहना है कि अमेरिका वेनेजुएला की सरकार पर लंबे समय तक नियंत्रण बनाए रखना चाहता है। वहां के तेल उद्योग को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोलना चाहता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस योजना में अमेरिकी सेना की भूमिका क्या होगी और इसे किस तरह लागू किया जाएगा, खासकर तब जब सीनेट ने राष्ट्रपति की शक्तियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।