19 मिनट वाली वीडियो AI से बनी है... पुलिसवाले ने बताई सारी बात, कहा- इन लोगों पर होगी सख्त कार्रवाई

Edited By Updated: 05 Dec, 2025 12:22 AM

19 minute video policeman explains everything

किसी की भी प्राइवेसी तोड़ना बेहद खतरनाक और असंवेदनशील कदम है, लेकिन इसके बावजूद इंटरनेट की अत्यधिक उत्सुक भीड़ ने सोशल मीडिया पर ‘19 मिनट’ का वीडियो टॉप ट्रेंडिंग बना दिया। पहले कुछ लोग ऐसी प्राइवेट क्लिप्स को जानबूझकर लीक करते हैं, और फिर एक पूरा...

नेशनल डेस्क: किसी की भी प्राइवेसी तोड़ना बेहद खतरनाक और असंवेदनशील कदम है, लेकिन इसके बावजूद इंटरनेट की अत्यधिक उत्सुक भीड़ ने सोशल मीडिया पर ‘19 मिनट’ का वीडियो टॉप ट्रेंडिंग बना दिया। पहले कुछ लोग ऐसी प्राइवेट क्लिप्स को जानबूझकर लीक करते हैं, और फिर एक पूरा वर्ग- जो दूसरों की निजी जिंदगी में झांकने को मनोरंजन समझता है- इन वीडियोज को ढूंढने में लग जाता है। यही वजह है कि ऐसी क्लिप्स मिनटों में वायरल हो जाती हैं। इसी वायरल मानसिकता के बीच, हाल ही में चर्चित ‘19 मिनट’ वाले वीडियो की पुलिस ने असली सच्चाई बताई है और इसे शेयर करने वालों को सख्त चेतावनी भी दी है।

‘19 मिनट वाला वीडियो’ क्या है?

नवंबर 2025 के आखिरी सप्ताह में सोशल मीडिया पर एक कथित 19 मिनट की लीक क्लिप आग की तरह फैल गई। नैतिक रूप से गलत होने के बावजूद जिसे भी वीडियो मिला, उसने शेयर किया। क्लिप को लेकर अटकलें लगाईं, यहां तक कि AI से बने फर्जी “पार्ट-2” और “पार्ट-3” वीडियो भी फैलने लगे और इंटरनेट पर यह वीडियो रातोंरात “सेंसेशन” बन गया।

पुलिस ने बताई सच्चाई

एक पुलिस अधिकारी द्वारा दिए गए बयान में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जिसमें उनका कहना है कि “19 मिनट का यह वीडियो AI-जनरेटेड है”। पुलिस अधिकारी ने कहा कि “जो 19 मिनट का वीडियो वायरल हो रहा है, वह AI-generated है। अगर आप भी पता करना चाहते हैं कि कोई वीडियो असली है या AI से बना है, तो siteengine.com पर चेक कर सकते हैं।” यह खुलासा उन लोगों के लिए बड़ा झटका है जो इसे असली समझ रहे थे।

शेयर किया तो जेल पक्की- पुलिस की कड़ी चेतावनी

पुलिस ने साफ कहा कि ऐसी क्लिप भेजना, फॉरवर्ड करना या ऑनलाइन पोस्ट करना गैरकानूनी है। इन धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है:

  • IT Act सेक्शन 67 – अश्लील सामग्री प्रसारित करने पर
  • IT Act सेक्शन 67A – यौन सामग्री प्रकाशित/फैलाने पर
  • IT Act सेक्शन 66 – कंप्यूटर/डेटा से संबंधित अपराधों पर

सजा

  • 2 साल तक जेल
  • 3 साल तक की सजा (कुछ मामलों में)
  • भारी जुर्माना

पुलिस अधिकारी ने जोर देकर कहा कि “किसी की प्राइवेसी ब्रीच करना अपराध है। ऐसे वीडियो शेयर करने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।”

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