Edited By Anu Malhotra,Updated: 17 Jan, 2026 08:50 AM

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन वृद्धि को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ताजा आर्थिक अनुमानों और जानकारों की मानें तो 8वें वेतन आयोग के अमल में आने से पहले महंगाई भत्ते (DA) में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।
नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन वृद्धि को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ताजा आर्थिक अनुमानों और जानकारों की मानें तो 8वें वेतन आयोग के अमल में आने से पहले महंगाई भत्ते (DA) में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि नया सैलरी स्ट्रक्चर लागू होने तक कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 70 प्रतिशत के बड़े आंकड़े को पार कर सकता है। फिलहाल जनवरी 2026 तक डीए के 60 प्रतिशत के करीब पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें समय-समय पर होने वाली बढ़ोतरी इसे और ऊपर ले जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया का सीधा असर कर्मचारियों की जेब पर पड़ेगा। वर्तमान स्थिति को देखें तो जुलाई 2025 में डीए 58 प्रतिशत था, और अब जनवरी 2026 की छमाही के लिए इसमें 3 से 5 प्रतिशत तक के इजाफे की संभावना है। चूंकि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू होने में अभी 2027 के मध्य तक का समय लग सकता है, तब तक मिलने वाली दो-तीन अतिरिक्त वृद्धियां महंगाई भत्ते को 70 प्रतिशत के स्तर तक पहुंचा देंगी।
जनवरी 2026 की बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान होली के आसपास होने की उम्मीद है, लेकिन इसे पहली जनवरी से ही लागू माना जाएगा और पिछला बकाया (एरियर) भी दिया जाएगा।
वेतन में इस बड़े बदलाव के पीछे 'मर्जर' और 'फिटमेंट फैक्टर' का अहम रोल होगा। जब महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से ऊपर निकल जाता है, तो अक्सर इसे मूल वेतन (बेसिक सैलरी) में जोड़ने की मांग उठती है। अगर ऐसा होता है, तो मकान किराया भत्ता (HRA) समेत दूसरे भत्ते भी खुद-ब-खुद बढ़ जाएंगे क्योंकि वे सीधे बेसिक सैलरी से जुड़े होते हैं।
सबसे बड़ी राहत न्यूनतम वेतन को लेकर मिल सकती है; जानकारों का मानना है कि नए वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर के आधार पर न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 34,000 से 41,000 रुपये के बीच हो सकती है। यह बदलाव मध्यम वर्ग के सरकारी कर्मचारियों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार ला सकता है।