CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'जन महाभियोग' का प्रस्ताव पारित: इंडिया गठबंधन ने लगाया देशद्रोह का मुकदमा चलाने का आरोप

Edited By Updated: 31 Oct, 2026 10:30 PM

a motion for  people s impeachment  against cec gyanesh kumar was passed

विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से यहां शनिवार को आयोजित मॉक संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर‘वोट चोरी' की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने संबंधी‘जन महाभियोग'प्रस्ताव ध्वनि मत...

नई दिल्लीः विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से यहां शनिवार को आयोजित मॉक संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर‘वोट चोरी' की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने संबंधी‘जन महाभियोग'प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित इस मॉक संसद में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं, सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवा कार्यकर्ताओं और मतदाता सूची से नाम काटे जाने से प्रभावित लोगों ने हिस्सा लिया। लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को मॉक संसद का अध्यक्ष तथा समाजवादी पार्टी के अवधेश कुमार को उपाध्यक्ष बनाया गया था। खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जन महाभियोग प्रस्ताव पेश किया जिसे सभा के अंत में मीरा कुमार ने ध्वनिमत से पारित होने की घोषणा की।

इससे पहले खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने 2014 से सत्ता पर कब्जा बनाये रखने के लिए कई तरह की साजिशें की हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसदों की चोरी, राजनीतिक दलों को तोड़ने, सरकारों को गिराने और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों के इस्तेमाल के बाद अब वोट चोरी भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के वोट काटकर सत्ता में बने रहने की कोशिश की जा रही है। खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने, मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी सुरक्षा देने के लिए दिसंबर 2023 में बनाये गये कानून को वापस लेने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह जन-महाभियोग लोकतंत्र की रक्षा की दिशा में पहला कदम है और रविवार को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन देश की जनता की आवाज बुलंद करेगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि लोगों की आवाज संसद के भीतर लोकसभा और राज्यसभा में सुनी जानी चाहिए लेकिन विपक्ष को उनकी आवाज वहां तक पहुंचने नहीं दी जा रही है इसलिए उन्हें इस तरह का आयोजन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस पूरे मामले का एक हिस्सा हैं और इसके पीछे अन्य लोग भी हैं, जिनके बारे में विपक्ष जानता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग इस रास्ते पर चल रहे हैं वे बदलते राजनीतिक माहौल को समझ लें, क्योंकि जनता के बीच से उभर रहा यह नया राजनीतिक हथियार उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। गांधी ने कहा कि किसी को यह नहीं मानना चाहिए कि उसे कानूनी संरक्षण मिल जाएगा या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उसे बचा लेंगे। उन्होंने कहा कि रविवार को दिल्ली की सड़कों पर एकजुट विपक्ष देश की जनता का मिजाज दिखाएगा।

समाजवादी पार्टी के हरेंद्र सिंह मलिक ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश कर रहा है और एसआईआर के नाम पर आदिवासियों तथा अल्पसंख्यकों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं, ताकि वे मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि इस कथित गड़बड़ी का पर्दाफाश जनता की अदालत में करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस तरह का जन-महाभियोग आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाला गठबंधन देश के लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है और पश्चिम बंगाल में लाखों मतदाताओं के नाम काटे गये हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नाम नहीं काटे जाने का दावा करती है लेकिन यहां मौजूद लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाये गये हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी वोट चोरी के जरिये सरकार बनाये जाने का आरोप लगाया।

 

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