Edited By Parveen Kumar,Updated: 04 Feb, 2026 06:54 PM

सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे एक वीडियो ने मेट्रो स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। वायरल फुटेज में एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर एक युवती के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हुए देखा जा सकता...
नेशनल डेस्क : सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे एक वीडियो ने मेट्रो स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। वायरल फुटेज में एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर एक युवती के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद मामला इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है।
पीड़ित युवती के अनुसार, वह मेट्रो स्टेशन परिसर में मौजूद थी, तभी एक ट्रांसजेंडर महिला ने उससे पैसे देने के बदले आशीर्वाद देने की पेशकश की। युवती ने शालीनता से मना कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उस व्यक्ति ने उसे डराने की कोशिश की, जिस पर युवती ने स्थिति को शांत तरीके से टालने का प्रयास किया।
घटना उस समय गंभीर हो गई, जब युवती एस्केलेटर के पास खड़े होकर वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी। इसी दौरान पीछे से आकर आरोपी ने कथित तौर पर उसके सिर पर गुटखा थूक दिया। यह पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
वीडियो में देखा जा सकता है कि युवती गुस्से और सदमे में अपना चेहरा साफ करती है और फिर आरोपी का सामना करते हुए कहती है कि पूरी घटना रिकॉर्ड हो चुकी है। वह यह भी कहती नजर आती है कि अब वीडियो सार्वजनिक किया जाएगा। एक अन्य क्लिप में आरोपी युवती पर वीडियो हटाने का दबाव बनाते हुए दिखाई देता है। इसी बीच मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया और युवती का समर्थन किया।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो किस मेट्रो स्टेशन का है और घटना कब की है, लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तीखी हैं। कई यूजर्स ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कुछ लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं यात्रियों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं, जबकि अन्य ने सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के सख्त पालन की जरूरत पर जोर दिया है।
फिलहाल इस मामले में किसी आधिकारिक शिकायत या पुलिस कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए क्या मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त है या नहीं।