Edited By Anu Malhotra,Updated: 20 May, 2026 11:27 AM

Medical Store Closed: देशभर में दवा विक्रेताओं के संगठन ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIODC) ने एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन दवा बिक्री में कथित अनियमितताओं और भारी छूट की प्रथाओं के खिलाफ विरोध दर्ज...
Medical Store Closed: देशभर में दवा विक्रेताओं के संगठन ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIODC) ने एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन दवा बिक्री में कथित अनियमितताओं और भारी छूट की प्रथाओं के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था। इस हड़ताल का असर अलग-अलग जगहों पर मिला-जुला देखने को मिला।
हालांकि संगठन ने अपने सदस्यों के पूर्ण समर्थन का दावा किया है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIODC) ने कहा कि वह ऑनलाइन दवा कंपनियों (फार्मेसी) के कथित ''अवैध'' संचालन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। AIODC का कहना है कि वह 12.4 लाख दवा विक्रेताओं (Chemist, Pharmacist) और वितरकों का प्रतिनिधित्व करता है।
AIODC के महासचिव राजीव सिंघल ने कहा, '' दवा की सभी दुकानें बंद हैं... हमें हमारी राज्य इकाइयों से जानकारी मिली है कि सभी इस हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं। हमने अस्पतालों के भीतर संचालित 'नर्सिंग होम फार्मेसियों' पर कोई दबाव नहीं बनाया है।'' राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुछ संगठित दवा श्रृंखलाओं की दुकानें हालांकि खुली रहीं। एक 'सेल्स एग्जीक्यूटिव' ने एआईओसीडी की देशव्यापी हड़ताल के बारे में पूछे जाने पर कहा, '' हम हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं।''
सिंघल ने दोहराया कि एआईओसीडी जीएसआर 817 और जीएसआर 220 अधिसूचनाओं के खिलाफ विरोध कर रहा है क्योंकि ये प्रभावी रूप से ऑनलाइन दवा विक्रेताओं को नियमित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे बिना उचित भौतिक सत्यापन के दवाओं की बिक्री हो रही है। कॉर्पोरेट समर्थित ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट दे रही हैं जिससे दुकानदारों को नुकसान हो रहा है। सिंघल ने कहा कि एआईओसीडी अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए एक-दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के बाद आगे की रणनीति पर विचार करेगा।