Edited By Parveen Kumar,Updated: 28 May, 2025 08:42 PM

पंजाब के फिरोजपुर जिले के तारा वाली गांव में इन दिनों एक खास नज़ारा देखने को मिला। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास चल रहे "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान भारतीय सेना के सैकड़ों जवान गांव के खेतों में तैनात थे।
नेशनल डेस्क: पंजाब के फिरोजपुर जिले के तारा वाली गांव में इन दिनों एक खास नज़ारा देखने को मिला। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास चल रहे "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान भारतीय सेना के सैकड़ों जवान गांव के खेतों में तैनात थे। इसी बीच, 10 साल के श्रवण सिंह ने सबका दिल जीत लिया।
छोटा बच्चा, बड़ा जज़्बा
श्रवण सिंह के पास न तो वर्दी थी, न ही हथियार, लेकिन उसके पास एक बड़ा दिल और देशभक्ति का जज़्बा था। जब गांव के लोग डर के माहौल में थे, तब श्रवण रोज़ सेना के जवानों के लिए पानी, दूध, लस्सी और बर्फ लेकर आता था।
सेना ने किया सम्मानित
सेना ने उसकी सेवा को पहचाना और 7वीं इन्फैंट्री डिवीजन के मेजर जनरल रणजीत सिंह मनराल ने एक समारोह में श्रवण को सम्मानित किया। उसे एक स्मृति चिन्ह, खास खाना और उसकी पसंदीदा आइसक्रीम भी दी गई।
श्रवण का सपना
श्रवण ने कहा, "मुझे डर नहीं लगा। मैं बड़ा होकर सैनिक बनना चाहता हूं। सैनिकों ने मुझे बहुत प्यार दिया।" श्रवण के पिता सोना सिंह ने कहा, "पहले दिन से श्रवण ने जवानों की सेवा की। वह एक भी दिन नहीं चूका। हम उसके साथ खड़े रहे।"