Edited By Radhika,Updated: 06 Jan, 2026 04:24 PM

भारत ने भविष्य की तकनीक 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए एक विशाल कदम उठाया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को जयपुर में आयोजित 'राजस्थान रीजनल एआई कॉम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस...
नेशनल डेस्क: भारत ने भविष्य की तकनीक 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए एक विशाल कदम उठाया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को जयपुर में आयोजित 'राजस्थान रीजनल एआई कॉम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026' के दौरान एक मेगा स्किलिंग प्रोग्राम की घोषणा की।
1 साल में 10 लाख युवाओं को एआई ट्रेनिंग देना है मिशन
केंद्र सरकार ने अगले एक साल के भीतर देश के 10 लाख युवाओं को AI Skills से लैस करने का लक्ष्य रखा है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जिस तरह भारत ने 5G रोलआउट और सेमीकंडक्टर मिशन में दुनिया को अपनी रफ्तार दिखाई, उसी गति से एआई ट्रेनिंग का काम भी पूरा किया जाएगा।

लोकतंत्रीकरण (Democratization) पर दिया जोर
मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन एआई का लोकतंत्रीकरण करना है। इसका मतलब है कि तकनीक सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे व्यवसायों, छात्रों और स्टार्टअप्स तक भी पहुंचे। भारत में अब तक 38,000 GPUs (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स) उपलब्ध कराए जा चुके हैं, ताकि कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सस्ता और सुलभ हो सके।
AI हब बन रहा है भारत
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एआई इंडेक्स के अनुसार भारत अब एआई विकास और रिसर्च में अमेरिका और चीन के साथ दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल है। भारत में एआई और डेटा सेंटर्स के क्षेत्र में लगभग 70 बिलियन डॉलर (करीब 5.8 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की तैयारी है। यूके, दक्षिण कोरिया और फ्रांस के बाद अब अगला बड़ा 'ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट' भारत में आयोजित होगा, जिसके लिए देशभर में क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।