Edited By Anu Malhotra,Updated: 04 Feb, 2026 11:34 AM

सराफा बाजार में पिछले कुछ दिनों की ऐतिहासिक गिरावट के बाद कीमती धातुओं ने एक बार फिर जबरदस्त वापसी की है। वैश्विक बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है और विशेषज्ञों ने भविष्य के लिए नई रणनीतियां साझा की हैं।
नेशनल डेस्क: सराफा बाजार में पिछले कुछ दिनों की ऐतिहासिक गिरावट के बाद कीमती धातुओं ने एक बार फिर जबरदस्त वापसी की है। वैश्विक बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है और विशेषज्ञों ने भविष्य के लिए नई रणनीतियां साझा की हैं।
कीमती धातुओं में दशक की सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त
पिछले दो दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में जो गिरावट देखी जा रही थी, वह दशकों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक थी। लेकिन ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अब बड़ा बदलाव आया है। विदेशी बाजार में सोने की कीमत करीब 6% उछलकर 4,935 डॉलर पर पहुंच गई, जो साल 2008 के बाद की सबसे बड़ी छलांग है। वहीं, चांदी ने भी 10% की भारी बढ़त के साथ 87.40 डॉलर का स्तर छू लिया है।
सोने-चांदी का अनुपात और निवेश का गणित
बाजार की दिशा समझने के लिए 'Gold-Silver Ratio' एक महत्वपूर्ण पैमाना है। यह बताता है कि एक औंस सोना खरीदने के लिए चांदी के कितने औंस की जरूरत होगी। फिलहाल यह अनुपात 56 के स्तर पर है। जानकारों का कहना है कि जब यह आंकड़ा 50 से नीचे आता है, तो चांदी महंगी मानी जाने लगती है। पिछले हफ्ते यह अनुपात काफी कम हो गया था, जिसके बाद कीमतों में सुधार (Correction) होना तय था। विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में हालिया तेजी के बाद अब बाजार कुछ समय के लिए शांत रह सकता है।
निवेशकों के लिए विशेषज्ञों का नजरिया
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी आने वाले समय में सोने की तुलना में अधिक मुनाफा दे सकती है। अनुमान है कि चांदी जल्द ही 100 डॉलर का आंकड़ा छू सकती है, जो मौजूदा स्तर से 15% अधिक है। दूसरी तरफ, सोने में 6 से 7% की बढ़त की उम्मीद है। हालांकि, जानकारों ने यह भी चेतावनी दी है कि भले ही अभी तेजी दिख रही हो, लेकिन पूरे साल का नजरिया बहुत ज्यादा उत्साहजनक नहीं है। चांदी को 'sprinter' यानी कम समय में तेज भागने वाली धातु और सोने को 'मैराथन धावक' यानी लंबी अवधि का स्थिर निवेश माना गया है।
सुरक्षित निवेश की रणनीति और सुझाव
वर्तमान बाजार स्थिति को देखते हुए जानकारों ने निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश (SIP माध्यम) करना बेहतर है। एक आदर्श पोर्टफोलियो के लिए विशेषज्ञों ने 60 प्रतिशत सोना और 40 प्रतिशत चांदी रखने का सुझाव दिया है। यह भी कहा गया है कि चांदी में आई गिरावट को डरने के बजाय भविष्य की बढ़त के लिए एक अवसर के रूप में देखना चाहिए, क्योंकि औद्योगिक मांग और ब्याज दरों में बदलाव से चांदी को फिर से मजबूती मिलने की संभावना है।