Edited By Anu Malhotra,Updated: 04 Jun, 2025 12:31 PM

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्सुकता चरम पर है।8वें वेतन आयोग से न सिर्फ उनकी बेसिक सैलरी में इजाफा होने की उम्मीद है, बल्कि HRA, ट्रैवल एलाउंस और बच्चों की शिक्षा भत्ते जैसे कई प्रमुख लाभों में भी बड़ा बदलाव देखने...
नेशनल डेस्क: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्सुकता चरम पर है।8वें वेतन आयोग से न सिर्फ उनकी बेसिक सैलरी में इजाफा होने की उम्मीद है, बल्कि HRA, ट्रैवल एलाउंस और बच्चों की शिक्षा भत्ते जैसे कई प्रमुख लाभों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खास बात ये है कि इन सभी संशोधनों की चाबी एक ही फैक्टर के हाथ में है—‘फिटमेंट फैक्टर’। यही तय करेगा कि वेतन संरचना में कितना उछाल आएगा और कर्मचारी वर्ग को इसका वास्तविक फायदा किस रूप में मिलेगा।
8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी निर्धारण के लिए फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम भूमिका निभाएगा। खबरों के अनुसार, इस बार 2.08 का फिटमेंट फैक्टर लागू हो सकता है, जबकि पिछली बार सातवें वेतन आयोग में यह 2.57 था और छठे वेतन आयोग में 1.86। अगर 2.08 का फैक्टर लागू होता है, तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के साथ-साथ भत्तों में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिलेगी।
सैलरी में कितना बढ़ावा?
फिटमेंट फैक्टर 2.08 लगने की स्थिति में विभिन्न ग्रेड के कर्मचारियों की सैलरी में इस प्रकार बढ़ोतरी हो सकती है:
-
लेवल-2 (ग्रेड पे 1900): सैलरी बढ़कर लगभग ₹52,555 तक पहुंच सकती है।
-
लेवल-4 (ग्रेड पे 2400): सैलरी हो सकती है लगभग ₹75,762।
-
लेवल-5 (ग्रेड पे 2800): सैलरी लगभग ₹96,301 तक बढ़ सकती है।
-
लेवल-6 (ग्रेड पे 4200): सैलरी करीब ₹94,883 तक पहुंच सकती है।
-
लेवल-8 (ग्रेड पे 4800): सैलरी बढ़कर ₹1,13,190 हो सकती है।
-
लेवल-9 (ग्रेड पे 5400): सैलरी ₹1,46,583 तक हो सकती है।
वेतन आयोग कैसे काम करता है?
वेतन आयोग में अनुभवी विशेषज्ञ, सीनियर इकोनॉमिस्ट, रिटायर्ड जज और ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ये सभी पक्षों से बातचीत कर एक रिपोर्ट तैयार करते हैं, जिसे सरकार के सामने प्रस्तुत किया जाता है। अंतिम निर्णय सरकार का होता है, जो वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर लागू किया जाता है।