Edited By Rohini Oberoi,Updated: 18 Mar, 2026 03:40 PM

कैरिबियाई द्वीप देश क्यूबा इस समय एक अभूतपूर्व ऊर्जा संकट (Energy Crisis) का सामना कर रहा है। सोमवार को देश का मुख्य पावर ग्रिड अचानक ठप होने से पूरे देश की बिजली गुल हो गई। अस्पतालों से लेकर आम घरों तक हर जगह सन्नाटा और अंधेरा पसरा हुआ है। यह संकट...
Total Blackout in Cuba Energy Crisis : कैरिबियाई द्वीप देश क्यूबा इस समय एक अभूतपूर्व ऊर्जा संकट (Energy Crisis) का सामना कर रहा है। सोमवार को देश का मुख्य पावर ग्रिड अचानक ठप होने से पूरे देश की बिजली गुल हो गई। अस्पतालों से लेकर आम घरों तक हर जगह सन्नाटा और अंधेरा पसरा हुआ है। यह संकट न केवल तकनीकी है बल्कि इसके पीछे गहरी अंतरराष्ट्रीय राजनीति भी शामिल है।
क्यों ठप पड़ गया पूरा देश?
क्यूबा के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार देश का इलेक्ट्रिकल सिस्टम पूरी तरह ढह गया है। इसकी दो मुख्य वजहें सामने आई हैं। क्यूबा के पावर प्लांट और ग्रिड दशकों पुराने हैं। सही रखरखाव और नए पुर्जों के अभाव में ये सिस्टम अब बोझ नहीं झेल पा रहे हैं। क्यूबा अपने पावर प्लांट चलाने के लिए वेनेजुएला जैसे सहयोगियों पर निर्भर है लेकिन वहां से तेल की सप्लाई में भारी गिरावट आई है। ईंधन न होने के कारण जेनरेटर और प्लांट बंद पड़े हैं।
अंधेरे में कट रही रातें, सड़ रहा खाना
पिछले चार महीनों में यह तीसरी बार है जब देश में इतना बड़ा बिजली संकट आया है। हवाना की गलियों में रात को सिर्फ मोमबत्तियों की हल्की रोशनी दिखती है। बिजली न होने से लोगों के फ्रिज में रखा खाना खराब हो रहा है और भीषण गर्मी में रहना दूभर हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कई नागरिक अब देश छोड़ने की योजना बना रहे हैं।
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बहाली की कोशिशें: फूंक-फूंक कर रखे जा रहे कदम
बिजली विभाग के प्रमुख लाजारो गुएरा ने बताया कि ग्रिड को दोबारा शुरू करने का काम जारी है लेकिन यह बहुत जोखिम भरा है। अगर कमजोर सिस्टम पर अचानक लोड डाला गया तो ग्रिड फिर से क्रैश हो सकता है। फिलहाल प्राथमिकता राजधानी के अस्पतालों और संचार सेवाओं को दी जा रही है जहां मात्र 5% बिजली बहाल हो पाई है।
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राजनीति और पाबंदियों की मार
क्यूबा सरकार ने इस तबाही के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार का कहना है कि अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से वे न तो तेल खरीद पा रहे हैं और न ही अपने पावर प्लांट्स के लिए जरूरी मशीनरी। दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि ये पाबंदियां क्यूबा में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की बहाली के लिए जरूरी हैं।