दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, बॉर्डर पर रोकी जाएंगी नियम तोड़ने वाली बसें, WhatsApp ग्रुप से होगी निगरानी

Edited By Updated: 23 Oct, 2026 02:09 PM

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ठंड की आहट के साथ दिल्ली में प्रदूषण का असर बढ़ने लगा है। शुक्रवार सुबह शहर के कई हिस्सों में धुंध की हल्की चादर देखने को मिली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे दिल्ली का औसत AQI 225 रहा।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। शुक्रवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 225 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रैप-1 के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर अंतरराज्यीय बसों की निगरानी करेगी। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच WhatsApp ग्रुप बनाया जाएगा, ताकि नियमों के उल्लंघन की सूचना तुरंत साझा की जा सके। तय मानकों का पालन नहीं करने वाली बसों को दिल्ली की सीमा पर ही रोककर दूसरे रास्तों पर भेजा जाएगा।

दिल्ली की हवा खराब, कई इलाकों में छाई धुंध
ठंड की आहट के साथ दिल्ली में प्रदूषण का असर बढ़ने लगा है। शुक्रवार सुबह शहर के कई हिस्सों में धुंध की हल्की चादर देखने को मिली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे दिल्ली का औसत AQI 225 रहा। शहर के 38 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’, जबकि 18 केंद्रों पर ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है। पालम में 18.3 डिग्री, लोधी रोड में 18.6 डिग्री, आयानगर में 19.1 डिग्री और रिज क्षेत्र में 19.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। दिन का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

ग्रैप-1 के तहत अंतरराज्यीय समन्वय बढ़ाएगी पुलिस
प्रदूषण से निपटने के लिए लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के पहले चरण के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने का फैसला किया है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय में विशेष पुलिस आयुक्त अजय चौधरी की अध्यक्षता में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में तय किया गया कि संबंधित राज्यों की पुलिस और विभागों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए एक विशेष WhatsApp ग्रुप बनाया जाएगा। इसके जरिए बसों की आवाजाही और नियमों के उल्लंघन से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI बसों को मिलेगी प्राथमिकता
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिल्ली में प्रवेश करने वाली अंतरराज्यीय और अंतरशहरी बसों को निर्धारित पात्रता और उत्सर्जन मानकों का पालन करना होगा। नियमों के तहत पात्र इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाली या निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली बसों को दिल्ली की सीमाओं पर रोककर वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा। इसके लिए सीमा क्षेत्रों में संयुक्त जांच टीमें तैनात करने और वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देने के लिए बड़े सूचना पट्ट लगाने की योजना भी बनाई गई है।

1 नवंबर से बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर प्रतिबंधों की तैयारी
बैठक में 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों पर लागू होने वाले प्रवेश प्रतिबंधों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण रखना और राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच प्रशासन की यह पहल वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण और नियमों के प्रभावी पालन की दिशा में अहम मानी जा रही है।


 

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