DU में एक महीने तक प्रदर्शन-जुलूस पर बैन: UGC समानता नियम विवाद के बाद सख्त कार्रवाई

Edited By Updated: 17 Feb, 2026 05:18 PM

delhi university protest ban

देश की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था University of Delhi (DU) में प्रशासन ने अगले एक महीने के लिए प्रदर्शन, जुलूस और सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगा दी है। यह आदेश 17 फरवरी 2026 से प्रभावी हो गया है

नेशनल डेस्क: देश की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था University of Delhi (DU) में प्रशासन ने अगले एक महीने के लिए प्रदर्शन, जुलूस और सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगा दी है। यह आदेश 17 फरवरी 2026 से प्रभावी हो गया है और फिलहाल एक महीने तक लागू रहेगा, जब तक कि इसे पहले वापस न लिया जाए।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कदम कैंपस में शांति, सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

आदेश में क्या-क्या प्रतिबंधित?

DU के प्रॉक्टर प्रोफेसर मनोज कुमार द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक, हाल के कुछ प्रदर्शनों के दौरान स्थिति नियंत्रण से बाहर होने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने के बाद यह फैसला लिया गया।

आदेश के तहत निम्न गतिविधियों पर रोक रहेगी:

  • किसी भी प्रकार की रैली, धरना, प्रदर्शन या आंदोलन आयोजित करना
  • पांच या उससे अधिक लोगों का सार्वजनिक रूप से इकट्ठा होना
  • मशाल, टॉर्च या किसी संभावित खतरनाक वस्तु का उपयोग
  • नारेबाजी, भाषण या ऐसी गतिविधि जिससे ट्रैफिक या सार्वजनिक शांति प्रभावित हो

यह निर्देश छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय स्टाफ सभी पर समान रूप से लागू होगा। प्रशासन ने सख्ती से पालन करने की चेतावनी भी दी है।

हालिया विवाद के बाद बढ़ा तनाव

यह निर्णय हाल ही में उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता से जुड़े नियमों को लेकर हुए विवाद के बाद आया है। University Grants Commission (UGC) द्वारा जारी “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026” को लेकर छात्र संगठनों के बीच मतभेद सामने आए थे।

इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव रोकना बताया गया, लेकिन कुछ समूहों ने इन्हें चुनौती दी। बाद में Supreme Court of India ने इन नियमों पर अस्थायी रोक लगा दी।

13 और 14 फरवरी को नॉर्थ कैंपस स्थित आर्ट्स फैकल्टी के पास इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हुआ, जिसमें अलग-अलग छात्र संगठनों के बीच झड़प की खबरें सामने आईं। आरोप लगे कि पत्थरबाजी और आपसी धक्का-मुक्की हुई। कुछ वक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार की भी घटनाएं सामने आईं। घटना के बाद पुलिस में दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें दर्ज कराई गईं और मॉरिस नगर थाने के बाहर भी तनाव की स्थिति बनी रही।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कैंपस में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी तरह की अव्यवस्था या हिंसक गतिविधि को रोकने के लिए यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। अब देखना होगा कि आगामी दिनों में स्थिति सामान्य होने पर प्रशासन इस आदेश को वापस लेता है या नहीं।
 

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