धनतेरस पर खूब बिका सोना-चांदी, इतने हजार करोड़ का हुआ कारोबार कर देगा आपको हैरान

Edited By Updated: 19 Oct, 2025 07:55 PM

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धनतेरस 2025 पर सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि के बावजूद भारतीय बाजारों में खरीदारी का उत्साह जारी रहा। वॉल्यूम के हिसाब से बिक्री स्थिर रही, लेकिन वैल्यू में 25% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ग्राहकों ने सोने और चांदी के सिक्कों और...

नेशनल डेस्क : इस धनतेरस पर सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल के बावजूद भारतीय बाजारों में खरीदारी का उत्साह चरम पर रहा। आशंका थी कि सोने में 65% और चांदी में 81% की तेजी के कारण बिक्री सुस्त रह सकती है, लेकिन परिणाम ठीक उल्टा रहा। वॉल्यूम के हिसाब से बिक्री पिछले साल के बराबर रही, लेकिन कीमतों में भारी वृद्धि के चलते वैल्यू में 25% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। व्यापार संगठन ‘कैट’ के अनुसार, देशभर में धनतेरस पर लगभग 60,000 करोड़ रुपये का सोना और चांदी बिका, जो पिछले साल की तुलना में 25% अधिक है। कुल मिलाकर, भारतीय ग्राहकों ने इस धनतेरस पर करीब एक लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की।

सोने के सिक्कों की भारी मांग
इस बार ग्राहकों ने सोने और चांदी के सिक्कों पर खास रुझान दिखाया। विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में और वृद्धि की उम्मीद और ज्वैलरी पर भारी मेकिंग चार्ज से बचने के लिए लोग सिक्कों की ओर आकर्षित हुए। मुंबई के जवेरी बाजार से लेकर देश के कई हिस्सों में 24-कैरेट के 10 ग्राम सोने के सिक्कों की खरीदारी के लिए लंबी कतारें देखी गईं। इन सिक्कों की कीमत लगभग 1.40 लाख रुपये प्रति सिक्का रही। धनतेरस को शुभ मानकर कीमती धातुओं की खरीद की परंपरा को इस साल लोगों ने निवेश के अवसर के रूप में भी भुनाया।

हल्के ज्वैलरी डिज़ाइन्स की रही डिमांड
ज्वैलरी की बात करें तो इस बार हल्के और आधुनिक डिज़ाइन्स की मांग रही। 22 और 18 कैरेट के हल्के आभूषणों की बिक्री अच्छी रही, जबकि युवा ग्राहकों ने 9 और 14 कैरेट के किफायती विकल्पों को भी खूब पसंद किया। कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि के बावजूद ग्राहकों का उत्साह कम नहीं हुआ। सोने की कीमत 1,30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 60% अधिक है।

निवेश के रूप में सोने की खरीदारी
कामा ज्वैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कॉलिन शाह ने कहा, “कई ग्राहकों ने पहले खरीदारी टाल दी थी, यह सोचकर कि कीमतें कम हो सकती हैं। लेकिन जब कीमतों में कोई कमी नहीं आई और आर्थिक संकेतक रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर इशारा करने लगे, तो लोग निवेश के लिए बाजार में उतर आए। उन्हें अब लगता है कि कीमतें शायद नीचे नहीं आएंगी।” उन्होंने बताया कि सोने और चांदी की खरीदारी अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक निवेश बन चुकी है।

बाजार में उमड़ा जनसैलाब
धनतेरस पर देशभर के सर्राफा बाजारों में भारी भीड़ देखी गई। लोग न केवल सोने-चांदी, बल्कि अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी के लिए भी उत्साहित दिखे। इस बार की बिक्री ने साबित कर दिया कि उच्च कीमतों के बावजूद भारतीयों का सोने और चांदी के प्रति विश्वास अटूट है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिससे सोना और चांदी निवेशकों के लिए और आकर्षक बन सकते हैं।

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