Edited By Rohini Oberoi,Updated: 29 Jan, 2026 12:16 PM

उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद अब प्रदेश कोहरे की चपेट में है। ठंडी हवाओं ने कनकनी बढ़ा दी है जिससे लोग एक बार फिर कांपने पर मजबूर हैं। हालांकि आज दिन में धूप निकलने से थोड़ी...
Heavy Rain Alert : उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद अब प्रदेश कोहरे की चपेट में है। ठंडी हवाओं ने कनकनी बढ़ा दी है जिससे लोग एक बार फिर कांपने पर मजबूर हैं। हालांकि आज दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है। आने वाले दो दिनों यानि कि 31 जनवरी से बारिश फिर अपना तांडव मचाएगी। मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए नया अलर्ट जारी किया है।
इन 16 जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट
बारिश की नमी के कारण उत्तर प्रदेश के तराई और पश्चिमी इलाकों में विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम रहने वाली है। मौसम विभाग ने निम्नलिखित जिलों में मध्यम से घने कोहरे की चेतावनी दी है:
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पश्चिमी यूपी: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली।
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तराई और पूर्वी यूपी: पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर और देवरिया।

नोएडा से लखनऊ तक: आज कैसा रहेगा हाल?
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लखनऊ: राजधानी में सुबह हल्का कोहरा रहेगा लेकिन दोपहर में धूप खिलने के आसार हैं। तापमान 12°C से 22°C के बीच रहेगा।
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नोएडा-गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर से सटे इन इलाकों में भी दिन में धूप निकलेगी जिससे ठंड से मामूली राहत मिलेगी।

31 जनवरी से फिर बिगड़ेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 31 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जिसका असर 1 फरवरी से 3 फरवरी के बीच पूरे प्रदेश में दिखेगा। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ, रायबरेली और सहारनपुर में फिर से मध्यम बारिश हो सकती है। इस बारिश के बाद उत्तर प्रदेश के न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और शीतलहर का प्रकोप दोबारा शुरू हो सकता है।
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यात्रियों और किसानों के लिए सलाह
कोहरे के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी कम होगी, इसलिए हेडलाइट का प्रयोग करें और गति धीमी रखें। ठंडी हवाओं और बारिश के कारण सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ सकता है। अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद हो सकती है लेकिन जलभराव से बचाव के इंतजाम रखें।