Edited By Anu Malhotra,Updated: 06 Jan, 2026 06:55 PM
सोना और चांदी की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। दो दिनों में सोने में 2,400 रुपये और चांदी में 14,000 रुपये से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। बहुत से लोग इसे US-वेनेजुएला तनाव से जोड़ रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि असली वजह...
नेशनल डेस्क: हाल के दिनों में सोने और चांदी के दाम लगातार बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। मल्टी-कमोडिटी मार्केट में आज सोने की कीमत 400 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,38,536 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, जबकि 1 किलो चांदी का भाव 4,247 रुपये बढ़कर 2,50,402 रुपये पर कारोबार कर रहा है। पिछले दिन भी सोने में 2,000 रुपये से ज्यादा और चांदी में 10,000 रुपये से अधिक का उछाल देखा गया था। दो दिनों की गणना करें तो सोने की कीमतों में कुल बढ़ोतरी 2,400 रुपये से अधिक और चांदी में 14,000 रुपये से अधिक हो गई है।
कई लोग इसे अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर बढ़ाई गई तनातनी से जोड़ रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असली कारण इससे कहीं गहरा और व्यापक है।
जियो-पॉलिटिकल तनाव का असर
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर ड्रग तस्करी के आरोप लगाने और उनकी गिरफ्तारी की खबर के बाद वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ी। अमेरिका ने कोलंबिया, क्यूबा और मैक्सिको को भी चेतावनी दी है, और वेनेजुएला से विदेशी संपत्तियों की जब्ती की खबरों ने निवेशकों में अनिश्चितता और बढ़ा दी। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्प की तरफ बढ़ते हैं और सोना-चांदी को एक भरोसेमंद विकल्प मानते हैं।
हालांकि, निवेश विशेषज्ञ पोनमुडी का कहना है कि यह रैली सिर्फ तात्कालिक राजनीतिक घटनाओं का असर नहीं है। दरअसल, सोने और चांदी की कीमतों में जो तेजी देखी जा रही है, वह संरचनात्मक मांग और लंबी अवधि के निवेश कारणों से प्रेरित है।
असली वजह: संरचनात्मक मांग और वैश्विक नीतियां
विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद, वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी केंद्रीय नीतियों में ढील की उम्मीदें निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर रही हैं। जब तक वित्तीय परिस्थितियाँ अनुकूल हैं, सोना निवेश पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बना रहेगा।
चांदी की कीमतें भी केवल सुरक्षित निवेश के कारण नहीं बढ़ रही हैं। इसके पीछे औद्योगिक मांग का बड़ा हाथ है। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापक इंडस्ट्रियल उपयोग चांदी के दामों को ऊपर धकेल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जो गिरावट देखी गई, वह केवल सुधारात्मक थी, और उसके बाद बड़ी तेजी आई है।
COMEX गोल्ड
तकनीकी विश्लेषण भी इस रुझान की पुष्टि करता है। COMEX गोल्ड $4,460–$4,480 के स्तर पर मजबूत स्थिति में है, जबकि पहले का $4,330–$4,370 का स्तर अब सपोर्ट का काम कर रहा है। भारत में MCX गोल्ड लगातार नए उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है और 1,38,500 रुपये के पार निर्णायक ब्रेकआउट होने पर 1,40,000–1,45,000 रुपये के स्तर की ओर तेजी संभव है।
चांदी के लिए COMEX 78–80 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ रही है और यदि 2.50 का सपोर्ट स्तर बना रहता है, तो आगे और तेजी की उम्मीद जताई जा रही है। अल्पकालिक मूविंग एवरेज के ऊपर रहने के कारण निवेशकों में गिरावट पर खरीदारी का रुझान भी मजबूत है।