राहुल गांधी के सरेंडर वाले बयान पर शशि थरूर की प्रतिक्रिया- 'भारत को किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं'

Edited By Updated: 05 Jun, 2025 12:45 PM

india doesn t need third party  after rahul surrender  remark tharoor

कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के एक हालिया बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस बयान में राहुल गांधी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर मोदी सरकार पर 'सरेंडर' करने का आरोप लगाया था। थरूर ने स्पष्ट किया कि भारत को किसी भी तीसरे पक्ष की...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के एक हालिया बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस बयान में राहुल गांधी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर मोदी सरकार पर 'सरेंडर' करने का आरोप लगाया था। थरूर ने स्पष्ट किया कि भारत को किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।

हमारा देश सक्षम: शशि थरूर-

वाशिंगटन डीसी में एक सवाल के जवाब में, जहां शशि थरूर भारत के 'आउटरीच मिशन' का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्होंने कहा, "हम अपने लिए बस इतना ही कह सकते हैं कि हमने कभी किसी से मध्यस्थता करने के लिए नहीं कहा।" उन्होंने यह बात तब कही जब उनसे भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया टकराव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित मध्यस्थता की कोशिशों के बारे में पूछा गया था। थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए दोहराया कि भारत अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाने में सक्षम है।

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आतंकवाद पर गंभीर हो पाकिस्तान तो बात संभव-

थरूर ने आगे कहा कि अगर पाकिस्तान वास्तव में आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने के लिए गंभीर कदम उठाता है और भारत के साथ सामान्य संबंध स्थापित करने की इच्छा दिखाता है, तो भारत उनसे बात करने के लिए तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा, "इसके लिए किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं है।" यह बयान भारत की उस पुरानी नीति के अनुरूप है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।

क्या था राहुल गांधी का बयान-

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' के दौरान आरोप लगाया था कि भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "सरेंडर" कर दिया। उन्होंने 1971 के युद्ध का हवाला दिया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अमेरिकी दबाव के बावजूद नहीं झुकी थीं, जबकि अमेरिका ने अपना सातवां बेड़ा भेजा था। राहुल गांधी ने 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा था, "ट्रंप का एक फोन आया और नरेन्द्र (मोदी) जी ने तुरंत सरेंडर कर दिया- इतिहास गवाह है। यही भाजपा-आरएसएस का चरित्र है, ये हमेशा झुकते हैं।" उन्होंने यह भी कहा था कि "कांग्रेस के बब्बर शेर और शेरनियां ‘सुपरपावर्स’ से लड़ते हैं, कभी झुकते नहीं।"

शशि थरूर का बयान राहुल गांधी के आरोप के बाद आया है और यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की आत्मनिर्भरता और संप्रभुता के महत्व पर जोर देती है, खासकर जब यह तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से संबंधित हो।

कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के एक हालिया बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।  इस बयान में राहुल गांधी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर मोदी सरकार पर 'सरेंडर' करने का आरोप लगाया था। थरूर ने स्पष्ट किया कि भारत को किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।

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हमारा देश सक्षम: शशि थरूर-

वाशिंगटन डीसी में एक सवाल के जवाब में जहां शशि थरूर भारत के 'आउटरीच मिशन' का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्होंने कहा, "हम अपने लिए बस इतना ही कह सकते हैं कि हमने कभी किसी से मध्यस्थता करने के लिए नहीं कहा।" उन्होंने यह बात तब कही जब उनसे भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया टकराव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित मध्यस्थता की कोशिशों के बारे में पूछा गया था। थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए दोहराया कि भारत अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाने में सक्षम है।

आतंकवाद पर गंभीर हो पाकिस्तान तो बात संभव-

थरूर ने आगे कहा कि अगर पाकिस्तान वास्तव में आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने के लिए गंभीर कदम उठाता है और भारत के साथ सामान्य संबंध स्थापित करने की इच्छा दिखाता है, तो भारत उनसे बात करने के लिए तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा, "इसके लिए किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं है।" यह बयान भारत की उस पुरानी नीति के अनुरूप है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।

क्या था राहुल गांधी का बयान-

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' के दौरान आरोप लगाया था कि भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "सरेंडर" कर दिया। उन्होंने 1971 के युद्ध का हवाला दिया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अमेरिकी दबाव के बावजूद नहीं झुकी थीं, जबकि अमेरिका ने अपना सातवां बेड़ा भेजा था। राहुल गांधी ने 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा था, "ट्रंप का एक फोन आया और नरेन्द्र (मोदी) जी ने तुरंत सरेंडर कर दिया- इतिहास गवाह है। यही भाजपा-आरएसएस का चरित्र है, ये हमेशा झुकते हैं।" उन्होंने यह भी कहा था कि "कांग्रेस के बब्बर शेर और शेरनियां ‘सुपरपावर्स’ से लड़ते हैं, कभी झुकते नहीं।"

शशि थरूर का बयान राहुल गांधी के आरोप के बाद आया है और यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की आत्मनिर्भरता और संप्रभुता के महत्व पर जोर देती है, खासकर जब यह तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से संबंधित हो।

कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के एक हालिया बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।  इस बयान में राहुल गांधी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर मोदी सरकार पर 'सरेंडर' करने का आरोप लगाया था। थरूर ने स्पष्ट किया कि भारत को किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।

हमारा देश सक्षम: शशि थरूर-

वाशिंगटन डीसी में एक सवाल के जवाब में, जहां शशि थरूर भारत के 'आउटरीच मिशन' का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्होंने कहा, "हम अपने लिए बस इतना ही कह सकते हैं कि हमने कभी किसी से मध्यस्थता करने के लिए नहीं कहा।" उन्होंने यह बात तब कही जब उनसे भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया टकराव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित मध्यस्थता की कोशिशों के बारे में पूछा गया था। थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए दोहराया कि भारत अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाने में सक्षम है।

आतंकवाद पर गंभीर हो पाकिस्तान तो बात संभव-

थरूर ने आगे कहा कि अगर पाकिस्तान वास्तव में आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने के लिए गंभीर कदम उठाता है और भारत के साथ सामान्य संबंध स्थापित करने की इच्छा दिखाता है, तो भारत उनसे बात करने के लिए तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा, "इसके लिए किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं है।" यह बयान भारत की उस पुरानी नीति के अनुरूप है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।

क्या था राहुल गांधी का बयान-

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' के दौरान आरोप लगाया था कि भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "सरेंडर" कर दिया। उन्होंने 1971 के युद्ध का हवाला दिया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अमेरिकी दबाव के बावजूद नहीं झुकी थीं, जबकि अमेरिका ने अपना सातवां बेड़ा भेजा था। राहुल गांधी ने 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा था, "ट्रंप का एक फोन आया और नरेन्द्र (मोदी) जी ने तुरंत सरेंडर कर दिया- इतिहास गवाह है। यही भाजपा-आरएसएस का चरित्र है, ये हमेशा झुकते हैं।" उन्होंने यह भी कहा था कि "कांग्रेस के बब्बर शेर और शेरनियां ‘सुपरपावर्स’ से लड़ते हैं, कभी झुकते नहीं।"

शशि थरूर का बयान राहुल गांधी के आरोप के बाद आया है और यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की आत्मनिर्भरता और संप्रभुता के महत्व पर जोर देती है, खासकर जब यह तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से संबंधित हो।

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