भारत का पाकिस्तान पर ‘महातबाही’ प्लान: आतंकी हमलों के बाद केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन प्लान

Edited By Updated: 30 Apr, 2025 11:52 AM

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कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक मोर्चों पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने का...

नेशनल डेस्क: कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक मोर्चों पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने का व्यापक प्लान तैयार कर लिया है।

सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार के बाद अब हवाई और समुद्री मार्ग पर सख्ती
पहले ही भारत ने पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंधों को खत्म कर दिया है और सिंधु जल संधि की समीक्षा की जा रही है। अब नई रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) के लिए अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को बंद करने पर विचार कर रहा है। साथ ही, सरकार पाकिस्तानी जहाजों के भारतीय बंदरगाहों पर प्रवेश पर भी रोक लगाने की योजना बना रही है।

भारतीय हवाई क्षेत्र के बंद होने से पाकिस्तान की उड़ानों पर असर
अगर भारत अपने एयरस्पेस को PIA के लिए बंद करता है, तो पाकिस्तान को वैकल्पिक और लंबे हवाई रास्तों का इस्तेमाल करना होगा, जिससे उनकी उड़ानों की लागत बढ़ेगी और विमानन क्षेत्र पर दबाव पड़ेगा। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी और ऑपरेशनल लागत में इजाफा पाकिस्तान की डगमगाती अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंचाएगा।

बंदरगाह प्रतिबंध: व्यापारिक सप्लाई पर गहरा असर
भारत के बंदरगाह पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक लिंक रहे हैं, खासकर मध्य एशिया और खाड़ी देशों के साथ व्यापार में। यदि भारतीय बंदरगाहों पर पाकिस्तानी जहाजों की एंट्री पर रोक लगाई जाती है, तो पाकिस्तान को लंबे समुद्री मार्गों या वैकल्पिक पोर्ट्स का सहारा लेना पड़ेगा, जो महंगे भी होंगे और समय लेने वाले भी। इससे न केवल उनकी निर्यात क्षमता प्रभावित होगी, बल्कि आवश्यक आयात जैसे कच्चा माल और खाद्य सामग्री की आपूर्ति भी बाधित होगी।

पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है विनाशकारी प्रभाव
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही विदेशी कर्ज, IMF शर्तों और महंगाई के कारण संकट में है। भारत के इन कड़े कदमों से:

विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा
➤ ईंधन और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें और बढ़ सकती हैं
➤ बेरोजगारी और सामाजिक असंतोष की स्थिति और गंभीर हो सकती है
➤ यह कदम पाकिस्तान को आर्थिक रूप से अलग-थलग कर देने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है।


पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: भारतीय एयरलाइंस के लिए एयरस्पेस बंद
भारत की रणनीतिक योजना के जवाब में पाकिस्तान ने भी पिछले सप्ताह भारतीय एयरलाइंस के लिए अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया था। हालांकि इससे भारत को अपेक्षाकृत कम असर पड़ा क्योंकि भारतीय विमान वैकल्पिक मार्गों से उड़ान भर सकते हैं। मगर विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत की जवाबी कार्रवाई कहीं अधिक प्रभावशाली और व्यावहारिक है।

वीजा रद्द, कूटनीतिक संबंधों में और गिरावट
सरकार ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तानी नागरिकों को दिए गए सभी वीजा रद्द कर दिए हैं। साथ ही, पाकिस्तान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

विशेषज्ञों की राय: यह ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ है
रक्षा और विदेश नीति विशेषज्ञ इसे भारत की ओर से ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ मान रहे हैं। भारत का उद्देश्य किसी सैन्य संघर्ष की बजाय पाकिस्तान को आर्थिक रूप से कमजोर कर रणनीतिक दबाव में लाना है।

पाकिस्तान के लिए बढ़ेंगी मुश्किलें
भारत द्वारा उठाए गए इन कदमों से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा। पहले से ही संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था के लिए यह एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है। अब यह देखना होगा कि पाकिस्तान इस दबाव का सामना कैसे करता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले में क्या रुख अपनाता है।

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