मोदी युग में भारत का आर्थिक सशक्तिकरण किताब

Edited By Updated: 14 Jan, 2026 10:57 PM

india s economic empowerment in the modi era book

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल कनेक्टिविटी में गांवो  को  शहरों को बराबर खड़ा कर दिया है। वर्ष 2015  और 2021 के बीच ग्रामीण इंटरनेट में 200 प्रतिशत की बृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024  में 95.15 % गांवो में  इंटरनेट की पहुंच हो गई है और अब...

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल कनेक्टिविटी में गांवो  को  शहरों को बराबर खड़ा कर दिया है। वर्ष 2015  और 2021 के बीच ग्रामीण इंटरनेट में 200 प्रतिशत की बृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024  में 95.15 % गांवो में  इंटरनेट की पहुंच हो गई है और अब लगभग 40 करोड़ ग्रामीण  इंटरनेट सुविधा का उपयोग कर रहे हैं। देश के 954.40  मिलियन  इंटरनेट उपभोक्ताओं में से 398.35 मिलियन इन्टरनेट उपभोक्ता  ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। भारत नेट परियोजना ने 2.13  लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा गया है। पिछले तीन बरसों में ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल लेनदेन में 200 % से ज्यादा की वृद्धि हुई है। यह जानकारी राज्य सभा सदस्य श्री सिकंदर कुमार द्वारा लिखी किताब " मोदी युग में आर्थिक सशक्तिकरण "  में दी गई है जिसका  उपराष्ट्रपति श्री सी पी  राधाकृष्णन  ने   दिसम्बर माह में  बिमोचन किया।
मोदी शासन में मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 में 248 किलो मीटर से बढ़ कर वर्ष  2025 में 1 ,013 किलो मीटर से अधिक हो गया है। मोदी शाशन में 11 राज्यों के 23 शहरों में मेट्रो परियोजनाएं शुरू की गई हैं। वर्ष 2013 -14 में 28 लाख दैनिक यात्रियों से बढ़कर बर्तमान में 1 .12 करोड़  यात्री प्रीतिदिन मैट्रो का सफर कर रहे हैं । मेट्रो लाइन चालू होने की गति नौ गुना बढ़ गई है। मेट्रो परियोजनाओं का बजट वर्ष 2013 -14 में 5 ,798  करोड़ से बढ़ कर 2025 -26 में 34807 करोड़ रूपये हो गया है। दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क वर्ष 2030  तक 400 किलो मीटर पार कर जायेगा तथा नई मेट्रो लाईनों से  रोजाना  लगभग दो लाख नए यात्रियों  को लाभ मिलेगा जिसमे 60 ,000  ऑफिस जाने बाले हैं। देश में पिछले पांच सालों में 1, 000 से अधिक मैट्रो कोचों का निर्माण हुआ है।
शून्य बैंक बैलेंस से शुरू की गई प्रधान मन्त्री जन धन योजना के अंतर्गत 53 . 13 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले जा चुके हैं जिसमे से 55 . 6 % महिलाओं  के पास और 66 . 6 % ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में हैं। ग्रामीण परिवारों की बितीय जरूरतों के लिए ओवरड्राफ्ट के रूप में 23,000 करोड़ से ज्यादा की राशि बितरित की जा चुकी है।

"मोदी युग में भारत का आर्थिक सशक्तीकरण"  किताब में लिखा है की देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लम्बाई वर्ष 2014 में 91, 287 किलोमीटर से बढ़ कर 2024 में 146 ,195 किलो मीटर हो गई है। सरकार की योजना बर्ष 2047 तक 60 ,000 किलो मीटर एक्सेस नियंत्रित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे बनाने की है। वर्ष 2047 तक देश की आधी आबादी शहरी क्षेत्रों में रहेगी। सरकार 100 स्मार्ट सिटी विकसित कर रही है। स्मार्ट सिटी की कुल 7 ,948  परियोजनाओं में से जुलाई 2023 तक 74 % परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं और जारी किये जा चुके 73 ,454  करोड़ रुपए में से 66 ,023 करोड़ का उपयोग किया जा चुका है। भारत का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष  2047 तक 25 -35 ट्रिलियन का अनुमान है। वर्ष  2047 तक सेवा क्षेत्र की सकल घरेलू उत्पाद में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी जिसमे बिनिमार्ण में 32 प्रतिशत और कृषि क्षेत्र की 12 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी।

"मोदी युग में भारत का आर्थिक सशक्तीकरण"  में लिखा है की फरवरी 2019 में शुरू की गई प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत देश में 11  करोड़  से अधिक किसानों को 3 . 7 लाख  करोड़ रूपये उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किये जा चुके हैं जिसमे 2 . 41 करोड़ महिला  और 2 करोड़ अनुसूचित जाति , जन जाति के  लाभार्थी हैं । देश में 7 . 71 करोड़ किसानों को  किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से  लगभग 10 लाख करोड़ ऋण प्रदान किये गए हैं । भारत का कृषि निर्यात वर्ष 2013 -14 में 1 . 94 लाख करोड़ 112 % बढ़ कर 2023 -24 में 4 .12 लाख करोड़ हो गया / प्रधानमंत्री फसल बीमा  योजना के अंतर्गत  23 करोड़ से अधिक किसानों  को कबरेज प्रदान करके 1 . 75  लाख  करोड़ के दावों का निपटारा किया जा चुका है। प्रकृतिक खेती के अन्तर्गत अब तक 60 लाख हेक्टेयर  क्षेत्र को कवर किया जा चुका है तथा इसमें 3750 करोड़ रूपये आवंटित किये गए हैं ।
देश में दूध उत्पादन में अब तक 10 करोड़ लोग जुड़े हैं  जिसमे  75  प्रतिशत  महिलाएं हैं । पिछले दशक में दूध उत्पादन में 63 . 5 % बृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2014 -15 में 146 . 3 मिलियन टन के मुकाबले बर्ष 2023 -24 में दूध का उत्पादन 239 . 2  मिलियन टन पहुंच गया तथा प्रति व्यक्ति उपलब्धता 319 ग्राम प्रति दिन से बढ़कर 471 ग्राम हो गई और वैश्विक हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक हो गई। देश में 22 दुग्ध संघ , 240 जिला संघों से 18 मिलियन किसान जुड़े हैं। वर्ष 2030 तक 300 मिलियन टन दूध उत्पादन की उम्मीद है।

"मोदी युग में भारत का आर्थिक सशक्तीकरण" किताब में लिखा है की पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण से पिछले दस वर्षों में 1 ,13 ,००7  करोड़ रूपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। इससे 193 लाख मीट्रिक टन कम कच्चे तेल का आयात किया गया जबकि किसानो को 21000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय हुई। इससे 42 मिलियन  मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी हुई। वर्ष 2013 -14 में 38 करोड़ इथेनॉल का पैट्रोल में मिश्रण किया गया जबकि बर्ष 2024 में 707 करोड़ लीटर इथेनॉल का पेट्रोल में मिश्रण किया गया।
इस दौरान भारत सौर ऊर्जा का तीसरा  सबसे बड़ा उत्पादक राष्ट्र बना। वर्ष 2014 में मात्र 2 .82 गीगबाट सौर ऊर्जा  उत्पादन से मई 2024 में 110 . 83 गीगबाट सौर ऊर्जा उत्पादन रिकॉर्ड किया गया। भारत वर्ष 2030 में 500 गीगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।
 इसी दौरान पवन ऊर्जा का उत्पादन 21 गीगावाट से बढ़कर 51 . 5  गीगावाट हो गया। पवन ऊर्जा के मामले  में देश  विश्व में चौथे स्थान पर पहुंच चुका है और वर्ष 2030   तक भारत में 100  गीगावाट पवन ऊर्जा  उत्पादन  का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना दुनिया की सबसे बड़ी घरेलू रूफ टॉप पहल है। फरवरी 2024 में 75 ,021 करोड़ के निवेश से शुरू की गई इस योजना के अन्तर्गत मार्च 2027 तक 1 करोड़ घरों को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी  और रूफ टॉप सूर्य ऊर्जा से 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड  में कमी आएगी।
किताब में लिखा है की हरित हाइड्रोजन योजना के अन्तर्गत वर्ष 2030 तक 50 लाख टन वार्षिक हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है जिसके अन्तर्गत 8 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा।  हरित हाइड्रोजन के अन्तर्गत  8 लाख करोड़ के निवेश  के साथ 125 गीगावाट ऊर्जा का उत्पादन करके 6 लाख अतिरिकत रोजगार के साधन सृजित किए जाएंगे।
देश का रक्षा क्षेत्र का निर्यात वित्त वर्ष 2025 में 2 . 8 बिलियन  डॉलर  हो गया जोकि बर्ष 2016 में 113 मिलियन डॉलर था  और 2030 में 5 बिलियन डॉलर तक पार करने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त वर्ष 2023 -24 देश का रक्षा  उत्पादन  रिकॉर्ड 1 . 27  लाख करोड़ तक पहुंच गया और रक्षा उपकरण 80  देशों  को निर्यात किये जा रहे हैं । रक्षा क्षेत्र  में  वर्ष 2029 तक वार्षिक रक्षा  उत्पादन में 3 लाख करोड़  और निर्यात में  50,000 करोड़ का लक्ष्य  रखा  गया है।-लेखक प्रोफेसर( डॉक्टर ) सिकन्दर कुमार राज्य सभा सदस्य हिमाचल प्रदेश / फाइल फोटो अटैच्ड नई दिल्ली/ हमीरपुर  जनवरी 11 -2025 
                                             

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