Edited By Anu Malhotra,Updated: 07 Jan, 2026 11:59 AM

बुधवार, 7 जनवरी 2026 को भारतीय सर्राफा और वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों की रिकॉर्ड तेजी के बाद आज निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी, जिससे दोनों कीमती धातुओं में...
नई दिल्ली: आज बुधवार, 7 जनवरी 2026 को सोने और चांदी के बाजार में बिकवाली और डॉलर की मजबूती के बीच कीमतों में noticeable गिरावट देखी जा रही है। 10 ग्राम 24 कैरट सोने का भाव लगभग 700–800 रुपये कम होकर 1,38,289 रुपये पर पहुंच गया है, जबकि चांदी में 3,500 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। अगर आप जानना चाहते हैं कि आज सोना और चांदी कितने में बिक रहा है, तो पूरी जानकारी यहां देखें।
सुबह 10:15 बजे MCX पर फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाले सोने में 794 रुपये की कमी आई, जिसके बाद 24 कैरट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए 1,38,289 रुपये हो गया। वहीं, चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली; चांदी के भाव में 3,697 रुपये की कमी के बाद प्रतिकिलोग्राम कीमत 2,55,114 रुपये पर आ गई।
पिछले कुछ दिनों में सोने की तेजी का मुख्य कारण बढ़ती जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और वैश्विक स्तर पर निवेशकों का सेफ-हेवन रुझान था। कई निवेशक अस्थिरता के समय बुलियन को सुरक्षित विकल्प मानकर खरीदारी कर रहे थे। लेकिन आज का बाजार मूवमेंट इस भावना को पलटने वाला रहा।
अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य:
स्पॉट गोल्ड अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले सत्र में लगभग 3% की तेजी के बाद आज 0.6% गिरकर $4,469.04 प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी डॉलर की मजबूती (Dollar Index) और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर अनिश्चितता ने सोने और चांदी की मांग पर दबाव डाला। डॉलर मजबूत होने से सोना अन्य मुद्राओं में महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक खरीदारों की मांग घटती है।
अन्य कारक:
अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच ड्रग शिपमेंट को लेकर बढ़ते तनाव और कुछ नेताओं की संपत्ति पर प्रतिबंध जैसे घटनाक्रम ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की वैश्विक घटनाएं कभी-कभी सोने और चांदी में सेफ-हेवन प्रवाह बढ़ा सकती हैं, लेकिन वर्तमान में मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती ने बाजार को दबाव में रखा।
क्यों आई गिरावट:
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मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले रिकॉर्ड लेवल तक बढ़ चुकी कीमतों ने निवेशकों को अपना मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बेचने के लिए प्रेरित किया।
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अंतरराष्ट्रीय डॉलर का दबाव: डॉलर की मजबूती से सोना महंगा हो गया और वैश्विक मांग प्रभावित हुई।
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अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और ब्याज दर की उम्मीदें: फेडरल रिजर्व की नीति में बदलाव की उम्मीदें कम होने से निवेशक ब्याज देने वाले साधनों की ओर आकर्षित हुए।
निवेशक अब आगे आने वाले अमेरिकी रोजगार आंकड़ों (US Payroll Data) और फेड की ब्याज दर नीति के संकेतों पर नजर रखे हुए हैं, जो कि अगले सप्ताह सोने और चांदी के भाव की दिशा तय कर सकते हैं।