Edited By Mansa Devi,Updated: 07 Jun, 2025 11:03 AM

दिल्ली में बकरीद के मौके पर जामा मस्जिद में हजारों मुसलमानों ने नमाज अदा की, जिसमें उन्होंने अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। बकरीद का त्योहार मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह कुर्बानी के माध्यम से ईमान और सेवा का प्रतीक...
नेशनल डेस्क: दिल्ली में बकरीद के मौके पर जामा मस्जिद में हजारों मुसलमानों ने नमाज अदा की, जिसमें उन्होंने अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। बकरीद का त्योहार मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह कुर्बानी के माध्यम से ईमान और सेवा का प्रतीक है।
दिल्ली सरकार की एडवाइजरी और नियम
बकरीद से पहले दिल्ली सरकार ने एक खास एडवाइजरी जारी की, जिसमें सामाजिक व्यवस्था और पशु कल्याण को ध्यान में रखते हुए कुछ सख्त नियम बनाए गए। सरकार ने स्पष्ट किया कि गली-मोहल्ले में कुर्बानी करना मना है और किसी भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी पर पूरी सख्ती से रोक लगाई गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जनता से अपील की गई है कि वे ऐसे मामलों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
मुस्लिम समुदाय की राजनीति बंद करने की मांग
जामा मस्जिद में नमाज के बाद आए लोगों ने सरकार से अपील की कि वे धार्मिक त्योहारों को राजनीति से दूर रखें। उनका कहना था कि बकरीद जैसी पवित्र परंपरा को राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए और सरकार को सियासी लाभ की बजाय लोगों के हित में काम करना चाहिए।
कड़े सुरक्षा इंतजाम
बकरीद के मौके पर दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। अर्धसैनिक बलों की 36 कंपनियां तैनात की गईं और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी रखी गई। यह कदम समाज में शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उठाए गए हैं।