फार्मा क्षेत्र में नई क्रांति: 11 उत्पादों के लिए केंद्र सरकार ने शुरू की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन PLI योजना

Edited By Updated: 25 May, 2025 04:32 PM

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भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने देश में 11 महत्वपूर्ण दवाओं के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना शुरू की है। यह योजना घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और फार्मा उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के...

नेशनल डेस्क: भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने देश में 11 महत्वपूर्ण दवाओं के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना शुरू की है। यह योजना घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और फार्मा उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

कौन-कौन से उत्पाद शामिल हैं?
PLI योजना के तहत जिन 11 उत्पादों को प्राथमिकता दी गई है, उनमें प्रमुख रूप से नियोमाइसिन, जेंटामाइसिन, एरिथ्रोमाइसिन, स्ट्रेप्टोमाइसिन, टेट्रासाइक्लिन, सिप्रोफ्लोक्सासिन और डिक्लोफेनाक सोडियम शामिल हैं। ये उत्पाद भारत में या तो आंशिक रूप से निर्मित हो रहे हैं या उनकी उत्पादन क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं हुई है।

आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि
फार्मा कंपनियों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 14 जून 2025 निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, योजना के लिए आवेदन करते समय कुछ मानदंडों का पालन करना आवश्यक होगा, जैसे कि पूर्व में मंजूरी मिलने पर वापस लेने वाले या रद्द किए गए आवेदक पात्र नहीं होंगे।

योजना के लाभ और वित्तीय अवधि
PLI योजना के तहत दवाओं के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन वित्तीय वर्ष 2027-28 तक रासायनिक संश्लेषण उत्पादों के लिए और वित्तीय वर्ष 2028-29 तक किण्वन आधारित उत्पादों के लिए दिया जाएगा। इससे फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में स्थिर और दीर्घकालीन निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने का उद्देश्य
सरकार का यह कदम खासतौर पर देश में महत्वपूर्ण दवा घटकों, सक्रिय दवा अवयवों (API) और मध्यवर्ती उत्पादों के घरेलू उत्पादन को सशक्त बनाने के लिए है। इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और फार्मा निर्यात को बढ़ाना है।

फार्मा निर्यात में उछाल
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का फार्मा निर्यात 30 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है, जो देश के फार्मा उद्योग की ताकत और वैश्विक मांग को दर्शाता है। इस निरंतर वृद्धि के बीच, PLI योजना देश के फार्मा क्षेत्र को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

फार्मेक्सिल का समर्थन
फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (फार्मेक्सिल) ने अपने सदस्यों को इस योजना का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह किया है। फार्मेक्सिल के महानिदेशक राजा भानु ने इसे फार्मा उद्योग के लिए एक सुनहरा अवसर बताया है।

पिछली PLI योजनाओं का अनुभव
चार साल पहले सरकार ने 14 प्रमुख क्षेत्रों के लिए PLI योजना शुरू की थी, जिसमें थोक दवाएं, चिकित्सा उपकरण और फार्मा शामिल थे। इन योजनाओं के तहत व्यापक निवेश हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और भारत की विनिर्माण क्षमता मजबूत हुई है।

बड़े निवेश और प्रोत्साहन राशि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 764 आवेदनों को मंजूरी मिली है और लगभग ₹1.61 लाख करोड़ ($18.72 बिलियन) का निवेश सुनिश्चित किया गया है। इसके अतिरिक्त, ₹14,020 करोड़ का प्रोत्साहन वितरित किया गया है, जो फार्मा समेत कई अन्य क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।

भारत के लिए रणनीतिक महत्व
यह योजना भारत को वैश्विक फार्मा सप्लाई चेन में एक मजबूत और आत्मनिर्भर खिलाड़ी बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से न केवल देश की दवा उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि निर्यात में भी विस्तार होगा, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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