Edited By Mehak,Updated: 28 Oct, 2025 12:48 PM

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त नवंबर के पहले सप्ताह में जारी हो सकती है। सरकार हर चार महीने में किसानों के खातों में ₹2,000 की सहायता राशि भेजती है। जिन किसानों ने ई-केवाईसी और भू-सत्यापन पूरा कर लिया है, उन्हें भुगतान में...
नेशनल डेस्क : केंद्र सरकार की सबसे बड़ी किसान योजनाओं में से एक, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत देशभर के करोड़ों किसानों को हर साल आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत अब तक 20 किस्तें किसानों के खातों में भेजी जा चुकी हैं, और अब 21वीं किस्त का इंतजार शुरू हो गया है।
नवंबर के पहले सप्ताह में आ सकती है 21वीं किस्त
मिली जानकारी के अनुसार, सरकार नवंबर के पहले सप्ताह में अगली यानी 21वीं किस्त जारी कर सकती है। पिछली बार भी 10वीं, 14वीं और 20वीं किस्तें नवंबर के आसपास ही जारी की गई थीं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी तय समय पर किसानों के खातों में ₹2,000 की अगली किस्त पहुंच जाएगी।
सरकार की ओर से हर चार महीने में एक किस्त जारी की जाती है। पिछली किस्त अगस्त 2025 में भेजी गई थी, इसलिए अगली किस्त का समय नवंबर की शुरुआत में पूरा हो रहा है। अब तक केंद्र सरकार किसानों को ₹3 लाख करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर कर चुकी है।
कुछ राज्यों में किस्त पहले ही जारी
जानकारी के मुताबिक, इस साल भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित तीन राज्यों के किसानों को सरकार पहले ही 21वीं किस्त भेज चुकी है। अब बाकी राज्यों के किसानों को भी इसका लाभ नवंबर की शुरुआत तक मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख जारी नहीं की गई है।
किस्त आने से पहले पूरे करें ये दो जरूरी काम
अगर किसान चाहते हैं कि उनके खाते में अगली किस्त समय पर पहुंचे, तो उन्हें दो जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी —
1. E-KYC (ई-केवाईसी): किसानों को योजना की वेबसाइट पर जाकर या अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर ई-केवाईसी करवानी होगी। यह जरूरी प्रक्रिया है जिससे सरकार यह सुनिश्चित करती है कि लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे।
2. भू-सत्यापन (Land Verification): किसानों की जमीन का विवरण राज्य के राजस्व विभाग के पोर्टल पर वेरिफाई किया जाता है। इससे यह पता चलता है कि जमीन का मालिक वास्तव में वही व्यक्ति है जो योजना का लाभ ले रहा है।
अगर इन दोनों में से कोई भी प्रक्रिया अधूरी रह गई, तो किसान की अगली किस्त रोक दी जाएगी। पिछली बार भी हजारों किसानों की किस्त इसी वजह से अटक गई थी।
अधूरी जानकारी पर अटक सकता है भुगतान
जिन किसानों ने बैंक खाता, आधार कार्ड या जमीन से जुड़े रिकॉर्ड अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें किस्त मिलने में दिक्कत हो सकती है। सरकार लगातार किसानों से अपील कर रही है कि वे समय रहते अपनी जानकारी वेरिफाई करवा लें ताकि उनका नाम फाइनल लिस्ट में शामिल हो सके और राशि सीधे खाते में पहुंच सके।