Edited By Rahul Singh,Updated: 04 Oct, 2023 04:49 PM

सिक्किम में मंगलवार रात बाढ़ से मचे तांडव के चलते कई मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील पर बादल फटने के बाद लाचेन घाटी में तीस्ता नदी में अचानक आई तेज बाढ़े के चलते 5 लोगों की मौत की खबर है, साथ ही सेना के 23 जवान लापत हैं।
नई दिल्ली : सिक्किम में मंगलवार रात बाढ़ से मचे तांडव के चलते कई मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील पर बादल फटने के बाद लाचेन घाटी में तीस्ता नदी में अचानक आई तेज बाढ़े के चलते 5 लोगों की मौत की खबर है, साथ ही सेना के 23 जवान लापता हैं। लापता सैनिकों की तलाश अभी भी जारी है। वहीं इस बड़े हादसे पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिएक्शन सामने आया है।
मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सिक्किम के मुख्यमंत्री पी एस तमांग से बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में दुर्भाग्यपूर्ण प्राकृति आपदा से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की। चुनौतियों का सामना करने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया। मैं सभी प्रभावितों की सुरक्षा और कुशलता की प्रार्थना करता हूं।''
गंगटोक जिला प्रशासन ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "गंगटोक से लगभग 30 किलोमीटर दूर सिंगतम शहर में तीस्ता नदी के इंद्रेनी पुल के माध्यम से अचानक आई बाढ़ ने अपना रास्ता बना लिया। बलुतर गांव का एक संपर्क पुल भी सुबह 4 बजे बह गया।" सिंगताम में नदी बेसिन के पास के लोगों को शहर में अस्थायी राहत शिविरों में ले जाया गया है।
अचानक आई बाढ़ से कई लोग प्रभावित हुए। सोशल मीडिया पर अब तस्वीरें और कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात कितने खराब हुए हैं। स्थानीय लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में सड़क का एक बड़ा हिस्सा नदी के तेज पानी में बहता हुआ दिख रहा है।

मुख्यमंत्री पी.एस. तमांग ने तीस्ता नदी घाटी में अचानक आई बाढ़ के कारण हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सिंगताम का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने सिंगताम नगर पंचायत कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे स्थिति पर नजर रखने को कहा। तमांग ने कहा, ‘‘इस चुनौतीपूर्ण वक्त में, मैं इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से प्रभावित हुए सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करना चाहता हूं।''

उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार जरूरतमंद लोगों को सभी आवश्यक सहायता और राहत उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम स्थिति की गंभीरता को समझते हैं और अपने नागरिकों की सुरक्षा एवं कुशलता सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हमारे समर्पित दल इस आपदा से उत्पन्न चिंताओं और चुनौतियों से निपटने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।'' पश्चिम बंगाल के सरकारी अधिकारियों ने बताया कि राज्य में पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के अलावा तीस्ता नदी में जल स्तर बढ़ने से कलिम्पोंग, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में कई स्थान प्रभावित हुए हैं, जहां प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
