Edited By Radhika,Updated: 20 Jan, 2026 04:57 PM

BJP के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में राजनीति की नई परिभाषा पेश की। कार्यकर्ताओं और युवाओं को संबोधित करते हुए नबीन ने स्पष्ट किया कि बीजेपी के लिए राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं,...
नेशनल डेस्क: BJP के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में राजनीति की नई परिभाषा पेश की। कार्यकर्ताओं और युवाओं को संबोधित करते हुए नबीन ने स्पष्ट किया कि बीजेपी के लिए राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा की एक 'साधना' है।
सत्ता भोग नहीं, तपस्या है राजनीति
नितिन नबीन ने पार्टी की विचारधारा को रेखांकित करते हुए कहा, "हम एक ऐसे दल के सिपाही हैं जहां राजनीति भोग-विलास या ऐशो-आराम के लिए नहीं, बल्कि त्याग और तपस्या के लिए की जाती है। हमारे लिए कोई भी पद केवल एक ओहदा नहीं, बल्कि देश के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी (उत्तरदायित्व) है।"इसी के साथ उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने, "सनातन परंपराओं और आस्था" की रक्षा करने और देश को जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से बचाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, "15 अगस्त, 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने का आह्वान किया था। मैं देश के युवाओं से कहना चाहता हूं कि राजनीति से दूर रहना समाधान नहीं, बल्कि सक्रिय योगदान देना ही समाधान है।"

नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के भारत को विकसित देश बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं को आगे आकर "सकारात्मक राजनीति" में भाग लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं युवाओं को यह भी बताना चाहूंगा कि राजनीति में कोई शॉर्टकट नहीं है। राजनीति सौ मीटर की दौड़ नहीं बल्कि मैराथन है, जहां गति नहीं बल्कि सहनशक्ति की परीक्षा होती है। आगे आइए और अपनी जड़ों को मजबूत रखते हुए इस राजनीतिक मैदान पर काम कीजिए।" संगठन पर्व के समापन के बाद, जिसमें बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पार्टी के विभिन्न पदों के लिए चुनाव हुए, मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में नवीन (45) को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। वह बिहार से पांच बार विधायक रह चुके हैं और 14 दिसंबर को भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने से पहले राज्य सरकार में कानून एवं न्याय, शहरी विकास और आवास मंत्री रह चुके हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ और मंडल स्तर पर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “भाजपा की निगरानी व्यवस्था इतनी मजबूत है कि वह हर छोटी से छोटी बात पर नजर रख सकती है और एक दिन आपको उस मुकाम तक पहुंचाएगी जिसके आप हकदार हैं।” भाजपा के नए अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आगामी चुनावों से पहले राज्यों में "जनसांख्यिकीय परिवर्तनों" पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के कारण वहां चीजें किस प्रकार बदल गई हैं, जो हमारे सामने एक चुनौती है। लेकिन मुझे विश्वास है कि भाजपा कार्यकर्ता अपनी पूरी ताकत और संघर्ष तथा कड़ी मेहनत से इन पांच राज्यों में मजबूत नेतृत्व प्रदान करेंगे।”

नवीन ने हाल में तमिलनाडु में ‘कार्तिगई दीपम' विवाद का जिक्र करते हुए द्रमुक, कांग्रेस और ‘इंडिया' गठबंधन की अन्य विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हाल में हमने देखा कि विपक्षी दलों ने कार्तिगई दीपम (तमिलनाडु में पारंपरिक दीपक प्रज्ज्वलन) को रोकने और (मदुरै उच्च न्यायालय के) न्यायाधीश पर महाभियोग चलाने के प्रयास किए। सोमनाथ और संभीमन पर्व मनाने की बात आने पर भी विपक्षी दलों को आपत्ति रहती है।" भाजपा प्रमुख ने कहा, “ऐसी ताकतों को हराना जरूरी है जो हमारी परंपराओं में बाधा डालने की