दिवाली से पहले बढ़ा प्रदूषण: दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू, जानें कौन-कौन सी रहेंगी पाबंदियां

Edited By Updated: 19 Oct, 2025 09:37 PM

pollution rises ahead of diwali grap 2 implemented in delhi ncr

दिवाली से ठीक पहले दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर ज़हरीली हो गई है। प्रदूषण का स्तर “बहुत खराब” श्रेणी में पहुँचने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-2 के नियमों को तुरंत लागू कर दिया है।

नेशनल डेस्कः दिवाली से ठीक पहले दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर ज़हरीली हो गई है। प्रदूषण का स्तर “बहुत खराब” श्रेणी में पहुँचने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-2 के नियमों को तुरंत लागू कर दिया है। इससे निर्माण कार्यों, औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों पर सख्त नियंत्रण लगाए जा रहे हैं।

हवा की हालत चिंताजनक

रविवार शाम 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 296 दर्ज किया गया, जो 7 बजे तक बढ़कर 302 पहुंच गया — यह “बहुत खराब” (Very Poor) श्रेणी में आता है। मौसम विभाग (IMD) और SAFAR-India की रिपोर्ट के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों में प्रदूषण और बढ़ने की संभावना है क्योंकि हवा की गति धीमी है और तापमान गिरने लगा है, जिससे प्रदूषक नीचे की सतह पर जमा हो रहे हैं। राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में हवा की स्थिति बेहद खराब रही — वजीरपुर: 361,विवेक विहार: 358,जहांगीरपुरी: 314,द्वारका: 327,आरके पुरम: 322,सीरी फोर्ट: 317,अशोक विहार: 304।

इन इलाकों में हवा “गंभीर” श्रेणी (Severe) की ओर बढ़ती दिखाई दी। वहीं, एनसीआर शहरों में भी हालात खराब रहे फरीदाबाद (158), गाजियाबाद (173), ग्रेटर नोएडा (172), और नोएडा (158)।

क्या है GRAP-2 और क्यों लागू किया गया

GRAP (Graded Response Action Plan) केंद्र सरकार की वह आपात कार्ययोजना है जो प्रदूषण के स्तर के हिसाब से चरणबद्ध तरीके से लागू की जाती है। स्टेज-1 “खराब” हवा के लिए, स्टेज-2 “बहुत खराब”, स्टेज-3 “गंभीर” और स्टेज-4 “गंभीर+” स्थिति में लागू होता है।CAQM के अनुसार, पिछले 48 घंटे में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ने के कारण स्टेज-2 लागू करना जरूरी हो गया था।

अब क्या-क्या रहेगा बंद या सीमित

1. निर्माण और मरम्मत कार्यों पर रोक:
सार्वजनिक परियोजनाओं (राजमार्ग, फ्लाईओवर, बिजली-पानी की मरम्मत आदि) को छोड़कर सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।

2. धूल नियंत्रण के विशेष उपाय:
सड़कों पर पानी का छिड़काव, मैकेनिकल स्वीपिंग और धूल-कंट्रोल गन का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है।

3. वाहनों पर पाबंदी:
सरकारी विभागों से कहा गया है कि गैर-आवश्यक वाहन सड़कों पर न उतारें।
पुराने डीज़ल वाहनों और बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी।

4. औद्योगिक गतिविधियों पर निगरानी:
कोयले या अन्य फॉसिल-फ्यूल आधारित उद्योगों को बंद रखने या वैकल्पिक ईंधन अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

5. खुले में कचरा जलाने पर सख्त रोक:
नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

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