Edited By Mehak,Updated: 06 Jan, 2026 01:54 PM

सर्दियों में गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की सेहत पर खास ध्यान देना जरूरी है क्योंकि ठंड के मौसम में शरीर ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है और कई पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। विटामिन-D, विटामिन-C, आयरन, कैल्शियम और ओमेगा-3 जैसे न्यूट्रिएंट्स बच्चे और मां...
नेशनल डेस्क : गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की पोषण संबंधी जरूरतें सामान्य से अधिक हो जाती हैं, और सर्दियों में इन्हें पूरा करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ठंड के मौसम में शरीर ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है, इसलिए मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना बेहद जरूरी हो जाता है।
विटामिन-D की कमी पर ध्यान
सर्दियों में धूप कम मिलने की वजह से विटामिन-D की कमी आम है। यह विटामिन बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए बहुत जरूरी है। फोर्टिफाइड दूध, दही, अनाज या डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेने से इसका समाधान किया जा सकता है।
विटामिन-C से मजबूत इम्यूनिटी
सर्दियों में शरीर को इंफेक्शन से बचाने के लिए विटामिन-C जरूरी है। संतरा, कीवी और आंवला जैसे फल आसानी से उपलब्ध होते हैं और ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। विटामिन-C आयरन के अवशोषण को भी बेहतर बनाता है और एनीमिया से बचाव करता है।
आयरन की बढ़ती जरूरत
गर्भावस्था में शरीर ज्यादा खून बनाता है, इसलिए आयरन की जरूरत बढ़ जाती है। पालक, दालें, गुड़, काले किशमिश, खजूर, चुकंदर और गाजर आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं। सर्दियों में इन चीजों को डाइट में शामिल करना आसान होता है।
कैल्शियम से मजबूत हड्डियां और दांत
बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए कैल्शियम जरूरी है। दूध, दही और पनीर इसके अच्छे स्रोत हैं। डेयरी नहीं लेने वाली महिलाओं के लिए रागी भी एक बेहतरीन विकल्प है। प्रेग्नेंसी में रोजाना 500 मिलीग्राम से 1 ग्राम तक कैल्शियम लेने की सलाह दी जाती है।
ओमेगा-3 फैटी एसिड से दिमाग और आंखों का विकास
ओमेगा-3 फैटी एसिड बच्चे के मस्तिष्क और आंखों के विकास में अहम भूमिका निभाता है। अलसी के बीज, अखरोट और सैल्मन मछली इसके अच्छे स्रोत हैं। मछली नहीं खाने वाली महिलाओं के लिए डॉक्टर से सप्लीमेंट की सलाह लेना सही होता है।
सर्दियों में सब्जियां और प्रोटीन
मौसमी सब्जियां जैसे गाजर, चुकंदर, पालक और सरसों का साग शरीर को ताकत देता है। प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए अंडे, दालें और छोले फायदेमंद हैं। तिल-गुड़ के लड्डू जैसी पारंपरिक चीजें ऊर्जा और आयरन दोनों देती हैं।
हाइड्रेशन का ध्यान रखें
ठंड के मौसम में पानी कम पीने की आदत हानिकारक हो सकती है। गुनगुना पानी या अदरक वाली हर्बल चाय हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद कर सकती है।
विशेषज्ञ की सलाह
हर गर्भवती महिला को अपनी सेहत और शरीर की जरूरत के अनुसार डाइट तय करने के लिए नियमित रूप से गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। सही पोषण से मां और बच्चे दोनों स्वस्थ रहते हैं और सर्दियों में भी शरीर की ताकत बनी रहती है।