Edited By Anu Malhotra,Updated: 10 Jan, 2026 03:18 PM

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों खाताधारकों के लिए बैंकिंग अब थोड़ी खर्चीली होने वाली है। बैंक ने अपने एटीएम सेवा शुल्कों (ATM Charges) में बड़ा संशोधन किया है, जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। इंटरचेंज फीस में हुई वृद्धि को आधार बनाते हुए बैंक...
नेशनल डेस्क: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों खाताधारकों के लिए बैंकिंग अब थोड़ी खर्चीली होने वाली है। बैंक ने अपने एटीएम सेवा शुल्कों (ATM Charges) में बड़ा संशोधन किया है, जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। इंटरचेंज फीस में हुई वृद्धि को आधार बनाते हुए बैंक ने ATM और कैश डिपॉजिट मशीनों (ADWM) के इस्तेमाल पर लगने वाले टैक्स और शुल्क बढ़ा दिए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसी साल फरवरी में भी बैंक ने कीमतें बदली थीं, लेकिन साल का अंत होते-होते ग्राहकों को एक और वित्तीय झटका लगा है।
1. नए नियम: अब कितना कटेगा पैसा?
यह नई व्यवस्था 1 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो चुकी है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव सेविंग और सैलरी अकाउंट वाले उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो फ्री लिमिट खत्म होने के बाद ट्रांजैक्शन करते हैं।
दूसरे बैंक के ATM पर: 5 बार फ्री इस्तेमाल के बाद, अब हर बार पैसा निकालने पर 21 रुपये की जगह 23 रुपये देने होंगे। साथ ही, बैलेंस चेक करने जैसे नॉन-फाइनेंशियल कामों के लिए अब 10 की जगह 11 रुपये कटेंगे (GST अतिरिक्त)।
SBI के अपने AtM पर बड़ा बदलाव: अब तक SBI के ATM पर लेन-देन की कोई सीमा नहीं थी, लेकिन अब इसे घटाकर महीने में केवल 10 बार कर दिया गया है। 10 बार के बाद हर कैश विड्रॉल पर 23 रुपये और अन्य ट्रांजैक्शन पर 11 रुपये प्लस जीएसटी देना होगा।
2. कौन रहेगा इस महंगाई से बेअसर?
बैंक ने इस नए टैरिफ प्लान में कुछ राहत भी दी है, ताकि आम और छोटे बचतकर्ताओं को परेशानी न हो:
BSBD खाताधारक: बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट रखने वालों के लिए सर्विस चार्ज में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
बिना कार्ड का लेन-देन: अगर आप एटीएम से 'कार्डलेस कैश विड्रॉल' (YONO आदि के जरिए) करते हैं, तो यह सुविधा पहले की तरह ही पूरी तरह मुफ्त और असीमित बनी रहेगी।
SBI Debit Card: बैंक ने स्पष्ट किया है कि एसबीआई एटीएम पर डेबिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए पुराने सर्विस चार्ज में कोई बदलाव नहीं है, बस अब वहां 10 ट्रांजैक्शन की सीमा लागू होगी।
3. इंटरचेंज फीस का गणित
एसबीआई का कहना है कि बैंकों के आपसी लेन-देन पर लगने वाली 'इंटरचेंज फीस' बढ़ गई है, जिसके कारण एटीएम संचालन की लागत बढ़ी है। इसी लागत को मैनेज करने के लिए बैंक ने ग्राहकों के लिए फ्री लिमिट के बाद के चार्ज में 2 रुपये तक का इजाफा किया है।
स्मार्ट टिप: यदि आप एक्स्ट्रा चार्ज से बचना चाहते हैं, तो महीने के अपने 10 ट्रांजैक्शन का हिसाब रखें या SBI की कार्डलेस विड्रॉल तकनीक का उपयोग करें, जो अभी भी फ्री है।