Vandebharat: सामने आया नई-नवेली वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर वर्जन का इंटरनल लुक, हर तरफ हो रही चर्चा

Edited By Updated: 01 Sep, 2024 07:31 PM

sleeper version of the new vande bharat express has been revealed

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बीईएमएल के कारखाने में वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर कोच के प्रोटोटाइप संस्करण का अनावरण किया। वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि कोच के आगे के परीक्षण के लिए इसे पटरियों पर चलाए जाने से पूर्व 10 दिन तक उसका...

नई दिल्लीः रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बीईएमएल के कारखाने में वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर कोच के प्रोटोटाइप संस्करण का अनावरण किया। वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि कोच के आगे के परीक्षण के लिए इसे पटरियों पर चलाए जाने से पूर्व 10 दिन तक उसका कड़ा परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों में ट्रेन का परिचालन शुरू होने की संभावना है।
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वैष्णव ने कहा, ‘‘वंदे भारत चेयर कार के बाद हम वंदे भारत स्लीपर कार पर काम कर रहे थे। इसका निर्माण अब पूरा हो गया है। इन ट्रेन को आज परीक्षण के लिए बीईएमएल प्रतिष्ठान से बाहर निकाला जाएगा।'' वंदे भारत स्लीपर कोच के प्रोटोटाइप का ठीक से परीक्षण होने के बाद उत्पादन श्रृंखला प्रारंभ होगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम डेढ़ साल बाद उत्पादन श्रृंखला प्रारंभ करेंगे। तब व्यावहारिक रूप से हर महीने दो से तीन ट्रेन का संचालन प्रारंभ होगा।''

मंत्री ने कहा कि नई ट्रेन का डिजाइन बनाना बहुत जटिल काम है। वंदे भारत स्लीपर कार में कई नई सुविधाएं शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हम वंदे भारत ट्रेन के डिजाइन में लगातार सुधार कर रहे हैं। हम अनुभव से सीख रहे हैं और इसमें सुधार कर रहे हैं। वंदे भारत मेट्रो के लिए भी यही सिद्धांत अपनाया जाएगा।''


वैष्णव ने कहा कि रेलवे चार विन्यासों- वंदे भारत चेयर कार, वंदे भारत स्लीपर कार, वंदे भारत मेट्रो कार और अमृत भारत- पर काम कर रहा है, जो लोगों के यात्रा करने के तरीके को बदल देगा। उन्होंने बताया कि 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रात भर की यात्रा के लिए है और यह 800 किलोमीटर से 1,200 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। ट्रेन की अतिरिक्त विशेषताएं इसमे ऑक्सीजन का स्तर और वायरस से सुरक्षा हैं। ये सीख कोविड-19 महामारी से ली गई है।
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वैष्णव ने कहा, ‘‘ यह मध्यम वर्ग के लिए ट्रेन होगी और इसका किराया राजधानी एक्सप्रेस के बराबर होगा।'' वंदे भारत में खराब गुणवत्ता वाले भोजन की शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे प्रतिदिन 13 लाख भोजन पैकेट परोसता है और शिकायतें 0.01 से भी कम हैं। उन्होंने कहा,‘‘लेकिन फिर भी हम शिकायतों को लेकर बहुत चिंतित हैं और हमने कैटरर्स के साथ-साथ आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ भी बहुत सख्त कार्रवाई की है।'' मंत्री ने ‘भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड' (बीईएमएल) परिसर में वंदे भारत विनिर्माण प्रतिष्ठान की आधारशिला भी रखी।
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क्या-क्या फीचर्स में स्लीपर ट्रेन में
सेफ्टी फीचर्स के अलावा वंदे भारत का स्लीपर वर्जन विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस है। इसमें यूएसबी चार्जिंग पॉइंट के साथ इंटीग्रेटेड रीडिंग लाइट, पब्लिक अनाउंसमेंट और विजुअल इंफॉर्मेशन सिस्टम, मॉड्यूलर पैंट्री और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय दिए गए हैं। फर्स्ट एसी कोच में हॉट वाटर शॉवर की भी सुविधा होगी, जिससे लंबी यात्रा पर यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी। अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'यह ट्रेन मिडिल क्लास के लिए होगी, जिसका किराया राजधानी एक्सप्रेस के बराबर होगा।' उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का लक्ष्य आरामदायक और किफायती यात्रा अनुभव प्रदान करना है
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वंदे भारत स्लीपर का प्रोटोटाइप राजधानी एक्सप्रेस और अन्य मॉडलों की तुलना में काफी बेहतर है। तेज एक्सीलरेशन और डीसी​लिरेशन (रफ्तार पकड़ने और रुकने में कम समय लगना) के कारण, वंदे भारत के स्लीपर वर्जन की औसत गति राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में बेहतर होगी। एक बार ऑपरेशन शुरू होने पर ट्रेन के 160 किमी प्रति घंटे की औसत गति से चलने की संभावना है, जबकि ट्रायल स्पीड 180 किमी प्रति घंटे होगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में जीएफआरपी पैनल, सेंसर-बेस्ड इंटीरियर, ऑटोमेटिक दरवाजे, एर्गोनॉमिकली डिजाइन टॉयलेट, कम्युनिकेशन रूम और सामान रखने के लिए बड़ा लगेज रूम उपलब्ध होगा।

 

 

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